MP के कर्मचारियों को मिला 7th पे-कमीशन का तोहफा, 2250 से 19 हजार तक फायदा

भोपाल। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार प्रदेश के 4.50 लाख कर्मचारियों के सातवें वेतनमान का फैसला हो गया। कैबिनेट ने सोमवार को इसकी मंजूरी दे दी। कर्मचारियों काे इसका लाभ 1 जनवरी 2016 से मिलेगा। अगस्त 2017 में बढ़ा वेतन मिलेगा। एरियर का भुगतान अगले साल से तीन किस्तों में होगा। पढ़ें पूरी खबर…

-कैबिनेट ने फैसले में पेंशनर्स का कोई जिक्र नहीं किया है। ऐसा पहली बार हुआ है कि सरकार ने वेतनमान के संबंध में पेंशनर्स का जिक्र नहीं किया। इससे पहले दिए गए वेतनमानों के समय पेंशनर के संबंध में भी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी जाती थी। कैबिनेट के फैसले में सातवें वेतनमान के अनुसार दिए जाने वाले भत्तों का भी जिक्र नहीं है।
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-कर्मचारियों को पुनरीक्षित वेतनमान का नकद भुगतान जुलाई पेड टू अगस्त के महीने में 4 प्रतिशत महंगाई भत्ते के साथ किया जाएगा। इससे कर्मचारियों के वेतन में कुल 14 प्रतिशत की वृद्धि होगी। यह वृद्धि 1 जनवरी 2016 को मिल रहे वेतन पर होगी, उन्हें अगस्त 2017 में मिलने वाले वेतन में कर्मचारियों को न्यूनतम 2250 रुपए और अफसरों को 19 हजार रुपए तक का फायदा होगा।
-सातवां वेतनमान देने से सरकार पर 9750 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा। इसमें वेतनमान के पुनरीक्षण पर 3828 करोड़ रुपए और एरियर्स के भुगतान पर 5742 करोड़ रुपए खर्चा आएगा। इस वर्ष यानी 1 जुलाई 2017 से 31 मार्च 2017 तक सातवें वेतनमान पर खर्च की राशि 2552 करोड़ रुपए है।
एरियर तीन किस्तों में भुगतान पर 5742 करोड़ रुपए का खर्चा
सातवें वेतनमान के एरियर के भुगतान पर 5742 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा। कर्मचारियों को सातवां वेतनमान 1 जनवरी 2016 से दिया गया है, यानी उन्हें 30 जून 2017 तक (18 महीने) के बढ़े हुए वेतन का एरियर तीन किस्तों में मिलेगा। पहली किस्त वित्तीय वर्ष 2018-19 मई के महीने में मिलेगी, जिस पर 1914 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसी तरह दूसरी किस्त 2019-2020 मई के महीने में और तीसरी किस्त 2020-21 मई के महीने में। एरियर की तीनों किस्तों में 5742 करोड़ रुपए का खर्चा आएगा।
सातवें वेतनमान के एरियर के भुगतान पर 5742 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा। कर्मचारियों को सातवां वेतनमान 1 जनवरी 2016 से दिया गया है, यानी उन्हें 30 जून 2017 तक (18 महीने) के बढ़े हुए वेतन का एरियर तीन किस्तों में मिलेगा। पहली किस्त वित्तीय वर्ष 2018-19 मई के महीने में मिलेगी, जिस पर 1914 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसी तरह दूसरी किस्त 2019-2020 मई के महीने में और तीसरी किस्त 2020-21 मई के महीने में। एरियर की तीनों किस्तों में 5742 करोड़ रुपए का खर्चा आएगा।
सेवानिवृत्त को एरियर का एकमुश्त भुगतान
-1 जनवरी 2016 से 30 जून 2017 के बीच सेवानिवृत्त/ मृत शासकीय सेवकों को एरियर्स की राशि का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा। ऐसे कर्मचारी जो 30 जून 2017 के बाद रिटायर होते हैं, उन्हें भी एकमुश्त एरियर का भुगतान किया जाएगा।
-1 जनवरी 2016 से 30 जून 2017 के बीच सेवानिवृत्त/ मृत शासकीय सेवकों को एरियर्स की राशि का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा। ऐसे कर्मचारी जो 30 जून 2017 के बाद रिटायर होते हैं, उन्हें भी एकमुश्त एरियर का भुगतान किया जाएगा।
-1 जनवरी 2016 के बाद रिटायर हुए शासकीय सेवकों की न्यूनतम पेंशन 7750 रुपए होगी, जबकि इससे पहले रिटायरमेंट पर न्यूनतम पेंशन 3050 रुपए थी।
कैबिनेट में सिर्फ सर्विंग क्लास पर बात हुई
वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव का कहना है कि पेंशनर को सातवां वेतनमान देने का फैसला सरकार को लेना है। कैबिनेट में सर्विंग क्लास का मैटर था। पेंशनर पर फैसला बाद में होगा।
वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव का कहना है कि पेंशनर को सातवां वेतनमान देने का फैसला सरकार को लेना है। कैबिनेट में सर्विंग क्लास का मैटर था। पेंशनर पर फैसला बाद में होगा।





