#MeToo तो क्या अब अकबर की राज्यसभा सीट भी जाएगी, होने लगी चर्चा

प्रिया रमानी सहित 20 महिला पत्रकारों ने एमजे अकबर पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। मी टू अभियान के तहत महिलाओं ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। जिसकी वजह से बुधवार को उन्होंने इस्तीफा दे दिया। मोदी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में पहली बार ऐसा हुआ कि किसी मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दिया। हालांकि माना जा रहा है कि इस्तीफा देने के बाद भी उनकी मुश्किलें खत्म नहीं होंगी।#MeToo तो क्या अब अकबर की राज्यसभा सीट भी जाएगी, होने लगी चर्चा

चर्चा है कि मध्यप्रदेश भाजपा के कुछ नेता चाहते हैं कि एमजे अकबर राज्यसभा से इस्तीफा दे दें। बता दें कि अकबर मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। प्रदेश में 29 नवंबर को चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में भाजपा किसी किसी तरह का कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहती है। इसी वजह से भाजपा के कुछ नेता पार्टी हाईकमान पर उनसे इस्तीफा लिए जाने का दवाब बना रहे हैं। यह नेता सामने नहीं आना चाहते हैं लेकिन उनका कहना है कि वह पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी बात रखेंगे।

2014 में भाजपा में शामिल होने के बाद अकबर को झारखंड से 2015 में राज्यसभा सांसद बनाया गया था। हालांकि 17 जून 2016 को उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद जून में ही उन्हें दोबारा एमपी से राज्यसभा सांसद बनाया गया था। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि जिस दिन प्रिया रमानी ने अकबर पर आरोप लगाए थे पार्टी को उसी दिन उनसे इस्तीफा ले लेना चाहिए था। उनसे पार्टी को फायदे की बजाए नुकसान ज्यादा हुआ है। वहीं शिवराज सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री का कहना है कि पार्टी हाईकमान को बाहरी नेताओं की बजाए राज्य के नेताओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।

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