अंतरिक्ष में इंसान चैंपियन, बुद्धिमान एलियंस भी उन्हें नहीं हरा सकते, स्टडी में चौंकाने वाला दावा!

भारत अंतरिक्ष में उड़ान के लिए तैयार है. मिशन गगनयान के तहत चार भारतीय अंतरिक्ष यात्री स्पेस में जाएंगे. इनके नाम का ऐलान भी हो चुका है. प्रशांत बालकृष्ण नायर, अंगद प्रताप, अजीत कृष्णन और विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला, वो पहले लोग होंगे जो भारत की ओर से अंतरिक्ष के सफर पर जाएंगे. इसे लेकर लोगों के मन में कई सवाल है. एक सवाल ये भी है कि अगर कहीं इन अंतरिक्ष यात्रियों से एलियंस मिल गए तो क्या होगा? एक स्टडी में इसे लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. वैज्ञानिकों का मानना है कि अंतरिक्ष में इंसान चैंपियन है. बुद्धिमान एलियंस भी अंतरिक्ष यात्रा में इंसानों को नहीं हरा सकते.
ब्रिटिश इंटरप्लेनेटरी सोसाइटी के जर्नल में पब्लिश रिपोर्ट के मुताबिक, एलियंस कितने ही बुद्धिमान क्यों न हों, कई ग्रहों पर ऐसी परिस्थितियां हैं, जो उन्हें टकराने से रोक सकती हैं. साइंटिस्ट जब अंतरिक्ष में एलियंस की मौजूदगी पर रिसर्च कर रहे थे, तब उन्हें ऐसी चीजें नजर आईं. पहली चीज, किसी भी चीज या इंसान को एक ग्रह से दूसरे ग्रह या अंतरिक्ष में भेजने के लिए काफी ताकतवर पलायन वेग (Escape Velocity) की जरूरत होती है. धरती का पलायन वेग 11.2 किमी/सेकंड है. यानी धरती के गुरुत्वाकर्षण से बाहर किसी को भेजने के लिए 40,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार चाहिए. तभी वह धरती के खिंंचावसे बाहर हो पाएगा. लेकिन अब तक जिन ग्रहों पर एलियंस की मौजूदगी की संभावना नजर आती है, उनका द्रव्यमान और गुरुत्वाकर्षण धरती के मुकाबले ज्यादा है.
10 ग्रहों को सुपर अर्थ माना गया
वैज्ञानिकों के मुताबिक, अब तक 10 ग्रहों को सुपर अर्थ माना गया है, जहां एलियंस होने की संभावना जताई गई है. ग्रहों का द्रव्यमान और गुरुत्वाकर्षण बल अधिक होने की वजह से उन्हें अपने ग्रह से बाहर आने के लिए काफी ज्यादा पलायन वेग की जरूरत होगी. रिसर्च के लेखक प्रोफेसर एलियो क्विरोगा ने कहा, इसलिए ये संभव नहीं लगता. सबूत बताते हैं कि एलियंस कभी भी अंतरिक्ष यात्रा करने में सक्षम नहीं होंगे. यहां तक कि धरती पर आना भी उनके लिए नामुमकिन लगता है.
…वे अपने ग्रह नहीं छोड़ सकते
क्विरोगा ने कहा, भले ही वे कितने ही ईंधन क्यों न लगा दें, वे अपने ग्रह नहीं छोड़ सकते. फिलहाल कोई ऐसा मेटल नहीं कि जो ऐसा कोई रॉकेट बना दे, जिसमें इतने पलायन वेग का दबाव बर्दाश्त करने की क्षमता हो. न सिर्फ उनके लिए अपना ग्रह यानी सुपर-अर्थ छोड़ना मुश्किल होगा, बल्कि अपने अंतरिक्ष यान में प्रवेश करने में भी उन्हें दिक्कत आएगी. अगर इस दबाव पर भी वे अपने ग्रह से निकलने वाला कोई यान बनाने में सफल रहे, तो अंतरिक्ष की गति में उनके लिए टिक पाना मुश्किल होगा. इसलिए ये तो साफ है कि निकट भविष्य में एलियंस के साथ कभी टक्कर नहीं होने वाली. और अगर कहीं अंतरिक्ष में टक्कर हुई भी तो इंसान उन पर भारी होंगे.





