अच्छी सोच वाले तीसरा फ्रंट बनाएं, यह समय की मांग: सुखपाल खैहरा

 आम आदमी पार्टी के बागी विधायक सुखपाल खैहरा ने ने नई पंथक पार्टी बनाने से साफ इन्कार किया है। उन्होंने कह कि वह धार्मिक मुद्दों पर राजनीति नहीं करेंगे। बेअदबी और बहिबलकलां गोलीकांड के मुद्दे सिखों व पंजाबियों की भावनाओं से जुड़े हैं। इन मुद्दों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। इंसाफ के लिए दोषियों को सजा दिलाने के लिए लड़ाई जारी रहेगी।अच्छी सोच वाले तीसरा फ्रंट बनाएं, यह समय की मांग: सुखपाल खैहरा खैहरा ने कहा कि अच्छी सोच वाले धड़े को पंजाब में तीसरा फ्रंट बना लेना चाहिए। क्योंकि यह समय की मांग है। उन्होंने कहा कि वह कोई तीसरी पार्टी नहीं बनाना चाहते, बल्कि इस बात के हक में हैं कि एक ही सोच वाली सभी धड़े तीसरा विकल्प पेश करें, जिससे पंजाब का भला हो सके। पंजाब का जैसा माहौल है, उसमें सुधार के लिए साफ-सुथरे नेताओं की जरूरत है।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खैहरा ने कहा कि चाहे बादल यह कह रहे हैं कि उन्होंने बहिबलकलां में गोली चलाने के आदेश नहीं थे, लेकिन उन्होंने डेढ़ साल तक अपने कार्यकाल में गोली चलाने वाले पुलिस आधिकारियों पर कोई कार्रवाई भी नहीं की। उन्होंने कहा कि दो नौजवानों को जिन अफसरों ने शहीद किया था, उनको तुरंत गिरफ्तार कर केस चलाना चाहिए था। अब भी कैप्टन सरकार इस ममले में ढील इस्तेमाल कर रही है। सरकार चाहे तो जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की सिफारिशों के अलावा भी अपने तौर पर कार्रवाई कर सकता है।

खैहरा ने केजरीवाल गुट विधायकों पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हरपाल सिंह चीमा और उनके साथी लोगों की भावनाओं पर खरा नहीं उतर रहे। इस कारण उनको बरगाड़ी मोर्चे में विरोध का सामना करना पड़ा था। खैहरा के साथ  विधायक मास्टर बलदेव सिंह भी शामिल थे।

दोषियों को बचा रही कांग्रेस

खैहरा ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का इरादा साफ नहीं है। वह ख़ुद बादलों को बचाना चाहते हैं। बेअदबी एडवोकेट जनरल ने 200 सरकारी वकील भती किए हैं, लेकिन इनकी नाक के नीचे से सुमेध सैनी ने अदालत से स्टे ले लिया। पहले भी चार अफसर स्टे ले चुके हैं। कैप्टन केंद्र सरकार के निर्देशों पर बादलों को बचा रहे हैं। उन्होंने कैप्टन से सवाल किया कि उन्होंने पिछले दिनों गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात क्यों की थी। खैहरा ने दावा किया कि सुरेश अरोड़ा को एक्स्टेंशन भी बीजेपी के कहने पर ही दी गई है।

14 को करेंगे जलसा

खैहरा ने 14 अक्टूबर को बरगाड़ी में शांतमयी जलसे का एलान भी किया। खैहरा ने अध्यापकों की सैलरी में कटौती के बदले रेगुलर करने और महंगाई के बावजूद बिजली दरें बढ़ाने को तानाशाही फैसले बताया। वह शिक्षकों के धरने में भी शामिल होंगे।

किसानों पर पर्चे न करे सरकार: खैहरा

किसानों द्वारा पराली जलान पर खैहरा ने कहा कि पंजाब सरकार अपनी नालायकी छिपाने के लिए किसानों पर केस कर रही है। सरकार किसानों पर पर्चे दर्ज करना बंद करे और किसानों को मुआवजा दे।

Back to top button