लखनऊ नगर निगम का कोष साफ, नालिया रह गईं गंदी ही, कूड़ा प्रबंधन का काम भी ढीला

लखनऊ। नगर निगम ने सफाई की नई कार्ययोजना बनाई है, लेकिन ऐसी योजनाएं पहले भी बनीं, लेकिन शहरवासियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया। सफाई कार्य पर कई करोड़ खर्च होने के बाद भी शहर में अधिकाश लोगों को खुद के खर्च पर सफाई करानी पड़ रही है। सिर्फ ठेकेदारों का बजट ही पचास करोड़ है, जबकि हकीकत यह है कि कुछ कर्मचारियों के बलबूते ठेकेदार करोड़ का भुगतान करा लेता है। जिन क्षेत्रों में निजी सफाई व्यवस्था है, वहा के पार्षद भी संतोषजनक सफाई होने की रिपोर्ट देकर भुगतान को हरी झडी दे देते हैं, जबकि हकीकत में सफाई कुछ लोगों के घर ही सीमित रह जाती है। अधिकाश लोगों को पैसा खर्च करना पड़ता है।लखनऊ नगर निगम का कोष साफ, नालिया रह गईं गंदी ही, कूड़ा प्रबंधन का काम भी ढीला

सफाई के लिए अलग-अलग मदों में बजट होता है। इसमे कूड़ा उठान से लेकर सड़क और नालियों में झाड़ू लगाने के बजाय नगर निगम के कोष की सफाई हो रही है। इस बार फिर से ठेके पर सफाई के लिए पचास करोड़ का बजट रखा है। दिन की सफाई में ही नहीं रात की सफाई में भी खेल चल रहा है। शहर के कई इलाकों में रात में सफाई के लिए 308 सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है और हर कर्मचारी को 250 रुपये का भुगतान हो रहा है। प्रभावशाली लोगों को मिले सफाई ठेके की निगरानी भी नहीं हो पा रही है। हाल यह है कि भूतनाथ क्षेत्र में सफाई का ठेका से काम वापस लेने पर नगर निगम में दो अधिकारियों में तनातनी हो गई थी।

कूड़ा प्रबंधन का काम भी ढीला शहर में कूड़ा प्रबंधन का काम भी ढीला है। दावे के मुताबिक, सभी 110 वार्ड में घर-घर से कूड़ा उठना चाहिए, लेकिन कूड़ा प्रबंधन का काम पाई कंपनी 40 वार्ड में ही यह काम नहीं कर पा रही है। आज से पाच वार्ड से होगी शुरुआत सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने की नई कवायद शुरू की गई है। हर कूड़ा प्रबंधन का काम देख रही ईको ग्रीन कूड़ा उठाने का काम करेगी तो नगर निगम के कर्मचारी झाड़ू लगाएंगे। हर दो सौ घरों में कूड़ा उठान के अतिरिक्त दो सफाई कर्मचारी तैनात होंगे, जो सड़क व नाली साफ करेंगे। नगर आयुक्त उदयराज सिंह ने कहा कि प्रथम चरण में हर जोन के पाच-पाच वार्ड को शामिल किया गया है और इससे सफाई व्यवस्था बेहतर होगी। यहा नए ढंग से होगी सफाई

– जोन एक : रामतीर्थ वार्ड, जेसी बोस वार्ड, महात्मा गाधी वार्ड, लालकुआ, विक्रमादित्य मार्ग।

– जोन-दो : चंद्रभानु गुप्त वार्ड, यहियागंज सुभाषचंद्र वार्ड, राजाजीपुरम वार्ड, हरदीन राय वार्ड, लेबर कालोनी वार्ड।

– जोन-तीन : अयोध्यादास (द्वितीय), भारतेंद्रु हरीशचंद्र, निरालानगर डालीगंज, मनकामेश्वर मंदिर वार्ड, अलीगंज।

– जोन चार : चिनहट (द्वितीय), राजीव गाधी वार्ड (प्रथम व द्वितीय) रफी अहमद किदवई वार्ड, पेपर मिल कॉलोनी।

– जोन पाच : ओमनगर, बाबू कुंज बिहारी, गीतापल्ली, सरदार पटेल वार्ड, गुरुगोविंद सिंह वार्ड।

– जोन छह : शीलता देवी, गढ़ी पीर खा, भवानी गंज, दौलत गंज, आचार्य नरेंद्र देव।

– जोन सात : मैथिलीशरण गुप्त,लाल बहादुर शास्त्री (प्रथम), बाबू जगजीवन राम, इंदिरा प्रियदर्शनी, इंदिरा प्रियदर्शनी, लोहिया नगर।

– जोन आठ : विधावती (प्रथम, तीन) हंिदूनगर, राजा बिजली पासी।

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