LSG के सामने सम्मान बचाने की चुनौती आज

आईपीएल के मौजूदा सत्र में लगातार हार के बाद प्लेऑफ की दौड़ से लगभग बाहर हो चुकी लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के सामने अब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ अपनी साख बचाने की कड़ी चुनौती है। गुरुवार को अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले में आरसीबी जैसी मजबूत टीम के सामने एलएसजी की राह आसान नहीं होगी।
लीग के लगातार दूसरे सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। मजबूत टीम संयोजन के बावजूद लखनऊ की टीम इस बार भी स्थिरता नहीं दिखा सकी, जिससे उसके लिए प्लेऑफ का दरवाजा बंद हो गया है। सीजन की शुरुआत में लखनऊ ने कुछ मुकाबलों में दम दिखाए, लेकिन जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ा टीम का प्रदर्शन गिरता गया।
बल्लेबाजी इकाई बड़े मौकों पर बिखरती नजर आई, जबकि गेंदबाजी में मोहम्मद शमी, प्रिंस यादव और मोहसिन खान को छोड़ दें तो स्पिनरों में सटीक लाइन-लेंथ की कमी साफ दिखी। खासकर, आखिरी ओवरों में रन रोकने में नाकामी टीम के लिए सबसे बड़ी कमजोरी बनी। टीम प्रबंधन की ओर से कई बार संयोजन में बदलाव किए गए, लेकिन इसका अपेक्षित परिणाम नहीं मिला।
अनुभवी खिलाड़ियों से लेकर युवा प्रतिभाओं के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी दिखी। यही कारण रहा कि टीम महत्वपूर्ण मुकाबलों में बढ़त बनाने के बावजूद जीत दर्ज नहीं कर पाई। दूसरी ओर, नौ मैचों में छह जीत और तीन हार के साथ अंक तालिका में दूसरे नंबर पर मौजूद आरसीबी यहां एक और जीत के साथ अपनी प्लेआफ की दावेदारी मजबूत करना चाहेगी।
घर में तोड़ना होगा हार का सिलसिला
सीजन की शुरुआत उम्मीदों के साथ करने वाली लखनऊ की टीम अब तक टूर्नामेंट में निरंतरता की कमी से जूझती रही। बल्लेबाजी में कई मौकों पर मजबूत शुरुआत के बावजूद टीम बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच सकी, जबकि गेंदबाजी में डेथ ओवर की कमजोरी बार-बार उजागर हुई। नतीजतन करीबी मुकाबलों में भी टीम को हार का सामना करना पड़ा।
लखनऊ अपने घर यानी इकाना स्टेडियम में अब तक लगातार सात मैच हार चुकी है। ऐसे में बेंगलुरु के खिलाफ मैच में घरेलू दर्शकों के सामने मेजबान टीम को अपनी लोकप्रियता बनाए रखने के लिए दमखम दिखाना होगा। वहीं, अब जब प्लेआफ की उम्मीदें समाप्त हो चुकी हैं, एलएसजी टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ियों को मौका देने और अगले सीजन की तैयारी के लिहाज से संयोजन पर प्रयोग कर सकता है।
पूरन फार्म में लौटे, लेकिन पंत ने बढ़ाई चिंता
लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच मिला-जुला रहा। 228 रनों का विशाल स्कोर बनाने के बावजूद टीम हार गई, लेकिन इस मुकाबले में जहां निकोलस पूरन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए फार्म में वापसी के संकेत दिए, जबकि कप्तान ऋषभ पंत यहां भी फ्लाप रहे और उनकी लगातार नाकामी टीम के लिए चिंता का विषय है।
पूरन ने मध्यक्रम में आकर आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने सिर्फ 21 गेंदों पर 63 रनों की आतिशी पारी खेली और अपनी बल्लेबाजी के दौरान बड़े शाट के जरिए विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाया। इस सीजन में पूरन पहली बार रंग में नजर आए, जबकि मिचेल मार्श ने भी अच्छी बल्लेबाजी की थी।
किंग कोहली और पडिक्कल पर रहेगी नजर
मौजूदा सत्र में अब तक बेंगलुरु के शीर्ष क्रम ने मजबूत शुरुआत देने में अहम भूमिका निभाई है, जिसमें विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल और कप्तान रजत पाटीदार की भूमिका अहम रही है। किंग कोहली ने लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए 54.14 के प्रभावशाली औसत को बरकरार रखा है। उनके साथ सलामी बल्लेबाज फिल साल्ट और देवदत्त पडिक्कल भी बहुमूल्य सहयोग दे रहे हैं।
विराट एक बार फिर बल्लेबाजी इकाई की रीढ़ की हड्डी साबित हुए हैं। उन्होंने नौ मैचों में 165 के स्ट्राइक रेट से 379 रन बनाए हैं। देवदत्त ने इतने ही मैच में 282 रन जोड़े हैं। कप्तान रजत पाटीदार ने आठ पारियों में 257 रन बनाए हैं, जिनमें 24 छक्के भी शामिल हैं। ऐसे में लखनऊ के खिलाफ मैच में लोकप्रिय क्रिकेटर विराट कोहली पर सबकी नजरें रहेंगी।
वहीं, आरसीबी के तेज गेंदबाजी आक्रमण ने इस सीजन में काफी प्रभावित किया है। अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार नौ मैचों में 17 विकेट लेकर पर्पल कैप के दावेदारों में से एक हैं, जबकि जोश हेजलवुड से उन्हें अच्छा समर्थन मिल रहा है।





