कम मार्क्स आए तो कॉलेज डायरेक्टर को चाकू मार भागा, फिर यूं मिली लाश

  • उदयपुर.एक इंजीनियरिंग कॉलेज स्टूडेंट ने अपने ही कॉलेज के डायरेक्टर को चाकू मारकर जख्मी कर दिया और वहां से फरार हो गया। चाकू से वार करने की पूरी घटना कॉलेज में लगे सीसीटीवी फुटेज में रिकॉर्ड हो गई। जब जख्मी डायरेक्टर का हास्पिटल में इलाज चल ही रहा था तभी खबर मिली कि हमलावर स्टूडेंट की लाश एक झील में पाई गई है। वारदात के बाद कॉलेज के स्टूडेंट्स सहम गए और कॉलेज में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। 
    कम मार्क्स आए तो कॉलेज डायरेक्टर को चाकू मार भागा, फिर यूं मिली लाश

    हमला करने की नियत से ही पहुंचा था कॉलेज…

    – पुलिस के मुताबिक, फलासिया का रहने वाला फोर्थ ईयर आईटी ब्रांच स्टूडेंट भाविक जैन सुबह कॉलेज में आया था। वह काफी देर तक कॉलेज डायरेक्टर राज शेखर व्यास के चैंबर के बाहर खड़ा था। दरअसल वह डायरेक्टर व्यास के अकेले होने का इंतजार कर रहा था।
    – दोपहर 01.15 बजे व्यास काे चैंबर में अकेला देख भाविक अंदर गया औरर 01.17 बजे व्यास के पेट और गले में चाकू से वार कर भाग निकला। डायरेक्टर व्यास चैंबर से खून में लथपथ बाहर आए। कॉलेज फैकल्टी ने उन्हें इस हालत में देखा तो भाविक को राेकने के लिए पीछे भागे, लेकिन वह भागने में कामयाब हो गया।
    – कॉलेज फैकल्टी ने डायरेक्टर व्यास को गीतांजलि हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां उनका इलाज किया गया। इधर, व्यास का इलाज चल ही रहा था कि दोपहर करीब 4.30 बजे पिछोला झील के अमराई घाट पर एक लड़के की लाश निकाली गई। उसकी पेंट की जेब से मिले आधार कार्ड से बात सामने आई किवह भाविक जैन था। पुलिस ने लाश को मॉर्चरी में रखवाया, जहां पोस्टमार्टम होगा।

    इंजीनियरिंग के 4 साल में थे 7 बैकलाॅग

    – भाविक के साथी स्टूडेंट्स ने बताया कि भाविक के चार साल में 7 सब्जेक्ट्स में बैकलॉग चल रहे थे। उसके दोस्तों ने बताया कि लंबे समय से वह डिप्रेशन में चल रहा था। घटना को अंजाम देने के पीछे अब तक हालांकि कोई पुख्ता कारण सामने नहीं आया है। इसमें पढ़ाई को लेकर डिप्रेशन का मामला की सामने आ रहा है। इधर, घटना के बार कॉलेज के स्टूडेंट इतने सहम गए कि उसके बारे में बताने से बचते रहे।
    – शुरुआती जांच में सामने आया है कि भाविक के 10वीं में 78, 12वीं में 61 और इंजीनियरिंग में एग्रीगेट 50.8 फीसदी रहा था। हालांकि, उसके इंजीनियरिंग में 7 बैकलॉग थे।

    परिवार बोला :फैकल्टी माकर्स कम देने और ट्रेनिंग में नहीं बैठने देने की देते थे धमकी

    – मृतक के बड़े भाई दिव्यांक जैन ने कहा कि पढ़ाई काे लेकर भाविक सिंसियर था। सरकारी स्कूल में हिंदी मीडियम में पढ़कर इंजीनियरिंग में अंग्रेजी मीडियम में जाने के बाद भी हार नहीं मानी और मेहनत करता था। वह उदयपुर में सेक्टर चार के किराए के मकान में रह रहा था।
    – परिजनों ने आरोप लगाया कि एक महीने पहले घर पर आया तब परेशान होकर भाविक ने अपने मन की बात बताई थी कि कॉलेज में फैकल्टी से धमकियां दी जाती हैं कि सेशनल मार्क कम देंगे, ट्रेनिंग में नहीं बैठने देंगे और दूसरे स्टूडेंट्स के मुकाबले मुझसे भेदभाव करते हैं। उसके मुताबिक, उसकी जो भी बैकलॉक है वह सिर्फ 2-3 नंबर से ही आई है।
    भाविक के बड़े भाई ने कहा कि भाविक घर पर आया तो कहा था कि वह कुछ दिनों पहले कॉलेज के बाहर चाय की दुकान पर दोस्तों के साथ गया था। वहां पर कुछ लोग एक दूसरे के साथ हाथापाई कर रहे थे। इससे ही इतना डर गया कि वहां से भाग निकला औैर कॉलेज में आ गया। उन्होंने कहा कि वह बहुत सरल स्वभाव का था।

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    दोस्तों ने कहा पढ़ाई में जरूर कमजोर था, लेकिन शालीन स्वभाव का था

    भाविक के क्लास में पढ़ने वाले साथियों ने बताया कि वह शांत और शालीन स्वभाव का था, लेकिन पढ़ाई में कमजोर था। सेशनल मार्क परफार्मेंस के बेस्ड पर ही दिए जाते हैं, लेकिन उसके फर्स्ट ईयर से ही बैकलॉग चल रही थी। कुछ दिनों से परेशान नजर आ रहा था, लेकिन सबसे कम ही बातचीत करता था।

    कॉलेज बोला- अच्छे मार्क देते हैं, पता नहीं उसने ऐसा क्यों किया

    कॉलेज प्रिंसिपल प्रदीप का कहना है कि कॉलेज में किसी स्टूडेंट का नुकसान नहीं हाे इसके लिए अच्छे-से-अच्छे सेशनल मार्क दिए जाते हैं। साथ ही कई स्टूडेंट तो ऐसे हैं कि कॉलेज से 20 में से 18 नंबर देते हैं, लेकिन मेन एग्जाम में 80 में से 10 नंबर ही आते हैं। कभी स्टूडेंट को डांट भी दिया जाता है तो उसके बारे में कॉलेज की मीटिंग में चर्चा होती है। ऐसी चर्चा में भाविक का कभी नाम नहीं आया, साथ ही कॉलेज में अब तक कोई जान नहीं पाया है कि भाविक ने ऐसा क्यों किया।

    डिप्रेशन में था लड़का

    हिरण मगरी थाना के अफसर संजीव स्वामी के मुताबिक, कॉलेज में लोगों से पूछताछ में सामने आया कि लड़का डिप्रेशन में चल रहा था। साथ ही उसके खुदकुशी करने से भी यही लग रहा था। इसके अलावा डायरेक्टर व्यास की हालत में सुधार होने पर पूछताछ की जाएगी।
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