जानिए प्राचीन समय में अपने हाथों की उंगलियां क्यों काटते थे लोग

दुनिया में वैज्ञानिक और पुरातत्वविद धरती के रहस्यों का पता लगाने के लिए कई तरह अध्ययन करते रहते हैं। अब इस बीच एक नए अध्ययन में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इसके बारे में जानकर आप हैरत में पड़ जाएंगे। इस अध्ययन में पता चला है कि प्राचीन समय में लोग अपनी उंगलियों को काट देते थे।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने संभावना जताई है कि पश्चिमी यूरोप में पुरापाषाण युग के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पुरुषों और महिलाओं ने अपनी उंगलियों का काटा था। उन्होंने इसके सबूत होने की भी जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि गुफाओं में इस तरह की सैकड़ों पेंटिंग मिली हैं। इनमें हाथों का कम से कम एक भाग गायब दिखाया गया है। कनाडा के वैंकूवर में साइमन फ्रेजर यूनिवर्सिटी के पुरातत्वविद प्रोफेसर मार्क कोलार्ड ने बताया कि इस बात के पुख्ता सबूत लोगों ने देवताओं से मदद के लिए अनुष्ठान के तहत जानबूझकर अपनी उंगलियां काटी होंगी।
रोपियन सोसाइटी फॉर ह्यूमन इवोल्यूशन में कोलार्ड नमे हाल ही में अपने इस अध्ययन के पेपर को पेश किया। इसमें फ्रांस और स्पेन में 25,000 साल पुराने हाथ से बनाए गए चित्रों के बारे में बताया गया है। 200 प्रिंटों में से प्रत्येक में कम से कम एक उंगली गायब थी। कुछ में सिर्फ ऊपरी हिस्सा गायब नजर आया, तो वहीं कुछ में कई उंगलियां नहीं थीं। उनके द्वारा बताई गई यह बातें साल 2018 के एक अध्ययन में प्रकाशित हुई हैं।
इस अध्ययन में कहा गया है कि देवताओं को खुश करने के लिए लोग अपनी शरीर के अंग काटते थे। कोलार्ड और उनकी पीएचडी स्टूडेंट ब्रे मैककौली ने हाथों द्वारा बनाए गए चित्रों के माध्यम से बताया कि कई प्राचीन समाजों में भी ऐसा होता था।
दोनों ने बताया कि प्राचीन समय में ऐसा होता था और आज भी होता है। उन्होंने बताया कि न्यू गिनी हाइलैंड्स में महिलाएं वर्तमान समय में किसी अपने की मौत के संकेत के तौर पर अपनी उंगलियों को काट देती हैं।
उन्होंने कहा कि हम मानते हैं कि पुरापाषाण काल में यूरोपीय लोग भी ऐसा करते थे, लेकिन ऐसे करने के पीछे की उनकी वजह दूसरी हो सकती है। उन्होंने बताया कि हमारा मानना है कि यह एक ऐसी प्रथा है, जिसका हमेशा से नियमित तौर पर पालन नहीं हुआ है, बल्कि इतिहास में अलग-अलग घटित हुई है।





