किन्नू तोड़कर आ रहे थे मजदूरो को विदेशी कार ने उड़ाया, छह की मौत

रफ्तार पर लगाम नहीं होने के कारण एक दर्दनाक हादसे में छह लोगों की अकाल मृत्यु हो गई। यहां एक महंगी विदेशी कार ने एक यात्री टैम्पो को जोरदार टक्कर मार दी। जिससे उसमें सवार तीन मजदूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि तीन लोगों की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई। हादसा राजस्थान के श्रीगंगानगर में हुआ। यह सभी मजदूर शहर के नजदीक से मजदूरी कर वापस श्रीगंगानगर लौट रहे थे। कार में सवार दोनों ही लोग मौके से फरार हो गए।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जिस कार से हादसा हुआ इसकी कीमत करीब 35 लाख है। कार शहर के नामी आॅर्थोपेडिक चिकित्सक डॉ. सुभाष राजोतिया की है। ऐसी कार शहर में केवल एक ही है इसलिए इसकी पहचान भी जल्द हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बृहस्पतिवार शाम करणपुर रोड पर हुए हादसे के दौरान कार में डॉ राजोतिया का ड्राइवर व उनका बेटा मौजूद थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसा इतना भीषण था कि टैम्पो के तीन टुकड़े हो गए और वह करीब 50 मीटर तक घिसटते हुए चला गया। पुलिस के अनुसार हादसा एक साइकिल सवार को बचाने के प्रयास में हुआ। टैम्पो में कुल आठ लोग सवार थे। जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। जबकि एक व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकी है। मृतक शहर के नजदीक किन्नू तोड़ने की मजदूरी करते थे।
पांच मृतकों की पहचान हो गई है। जबकि तीन का गंभीर अवस्था में अस्पताल में इलाज जारी है। वहीं जो एक मृतक है उसके बार में संशय बना हुआ। पुलिस के अनुसार अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह व्यक्ति वह साइकिल सवार तो नहीं है जिसे बचाने के प्रयास में कार ने टैम्पो को टक्कर मार दी। वहीं बृहस्पतिवार शाम हुए इस दर्दनाक हादसे की जानकारी मिलते ही गंगानगर शहर में हड़कंप मच गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के दौरान कार की स्पीड 125 किमी प्रति घंटे की थी। माना जा रहा है कि भीड़भाड़ वाले इलाके में ओवरस्पीडिंग ही हादसे का कारण रही। वहीं जानकारी के अनुसार डॉ सुभाष राजोतिया का बेटा प्रतिदिन करणपुर रोड स्थित एक एकेडमी में गेम की तैयारी करने जाता है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि डॉ राजोतिया का बेटा तो कही कार चलाना नहीं सीख रहा था।





