KBC 11 : कौन बनेगा करोड़पति में अमिताभ बच्चन ने MP की खुशबू तिवारी से सीखी बुंदेली भाषा

KBC 11 चर्चित टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में सूत्रधार अमिताभ बच्चन के मुंह से निकला एक छोटा सा डायलॉग बुंदेली को नई ऊर्जा से भर दे रहा है। डायलॉग समूचे बुंदेलखंड में वायरल हो चुका है। लोग एक-दूसरे को इसकी क्लिप शेयर कर रहे हैं। खड़ी बोलने वाले हों या अंग्रेजी वाले, बुंदेलखंड में इस समय हैलो-हाय की जगह काय का हो रओ… चलन में है। का का हो रओ… जी हां, 15-16 को प्रसारित हुए एपिसोड में हटा, मध्य प्रदेश से पहुंची प्रतिभागी खुशबू तिवारी हॉट सीट पर थीं। कार्यक्रम के दौरान उन्हें रिश्तेदारों से बुंदेली में बात करते सुन, अमिताभ पूछ बैठे कि किस भाषा में बात कर रही थीं। अमिताभ ने बुंदेली बोली के प्रति रुचि प्रकट की। कहा कि उन्हें भी कुछ बोलकर सुनाएं। बोले, बुंदेली में ‘कैसे हैं आप’ बोल कर सुनाएं। खुशबू बोलीं- काय का हो रओ…। अमिताभ इसे समझ नहीं सके और दोबारा सुना। तब खुद भी बोलकर दिखाया। बोले- काय का हो रओ..। और- का का हो रओ…, यानी क्या-क्या हो रहा है।

गोली चली नईं के करन लगे कांय-कांय…

‘सदी के महानायक’ की आवाज में बुंदेली के चंद बोल सुन बुंदेलखंड प्रफुल्लित है। यह पहला वाकया था जब अमिताभ बच्चन के मुंह से लोगों ने बुंदेली सुनी। खुशबू तिवारी ने बताया, अमिताभ जी ने जब मेरी बात को बुंदेली में ही रिपीट किया तो जीतने से ज्यादा खुशी हुई थी। वहीं, बुंदेलखंड से ताल्लुक रखने वाले अभिनेता गोविंद नामदेव, मुकेश तिवारी और आशुतोष राणा सभी कह रहे हैं कि महानायक का डायलॉग बुंदेली को नई ऊर्जा दे रहा है। फिल्म चाइनागेट में जगीरा का मशहूर किरदार निभाने वाले मुकेश तिवारी द्वारा इस फिल्म में बोले गए कुछ डायलॉग बुंदेली में ही थे- गोली चली नईं के करन लगे कांय-कांय…, तुमे भी मिल है…, जे बात…। इन्हें आज भी लोग भूले नहीं है।

हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर के पूर्व निदेशक प्रो. श्यामसुंदर दुबे ने कहा कि बुंदेली का महत्व तब समझ में आया जब अमिताभ बच्चन ने केबीसी में इसके चंद बोल बोले। अमिताभ जी ने जब कही के काय का हो रओ… तौ मन एकदम गदगद हो गओ। बुंदेली साहित्यकार पद्मश्री कैलाश मड़बैया ने कहा, बुंदेली भारत के हृदय क्षेत्र की संस्कृति है। यह जन-जन की भाषा है। महानायक अमिताभ बच्चन के मुंह से निकले बुंदेली के शब्दों ने इसकी खुशबू को कई गुना बढ़ा दिया है।

‘मधुकर शाह की गौरवगाथा’ पढ़ प्रभावित हुए अमिताभ…

सागर से निकल बॉलीवुड पहुंचे वरिष्ठ अभिनेता गोविंद नामदेव ने नईदुनिया को बताया कि अमिताभ की बुंदेली के प्रति यह रुचि नाट्यपुस्तिका ‘मधुकर शाह की गौरवगाथा’ को पढ़कर उत्पन्न् हुई है। बुंदेलखंड के महानायक मधुकर शाह पर गोविंद द्वारा बुंदेली में लिखी पुस्तक का विमोचन अमिताभ ने किया था।

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