अभी-अभी: सीएम खट्टर ने किया बड़ा एलान, विवाह शगुन योजना में दिए जाएंगे 51 हजार रुपये

सीएम मनोहर लाल सोमवार को गांव खांड़ाखेड़ी पहुंचे थे। यहां वित्तमंत्री कैप्टन अभियमन्यु के 51वें जन्मदिवस पर जरूरतमंद कन्याओं के सामूहिक समारोह में सीएम संबोधित कर रहे थे। सीएम ने कहा पहले हरियाणा लिंग अनुपात में काफी बदनाम रहा है। लिंग अनुपात कम होने के कारण यहां अपराध का ग्राफ अधिक था। प्रधानमंत्री मोदी ने हरियाणा की धरती से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का आह्वान किया था।
सरकार के साथ ग्राम पंचायतों, विभिन्न संगठनों, एनजीओ और समाज के सहयोग से इस अभियान के अच्छे परिणाम मिले हैं। तीन साल पहले प्रदेश में 1000 बेटों के पीछे जहां लड़कियों की संख्या 835 थी। अभियान के चलते लड़कियों की जन्म दर 1000 लड़कों पर 930 हो गई है। इसे बढ़ाकर 950 तक ले जाना है। प्रधानमंत्री भी प्रदेश में इस अभियान की सफलता का जिक्र करते हैं, जो हमारे लिए गर्व की बात है। प्रदेश में कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए सरकार ने सख्त कानून बनाए। इनके सार्थक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।
सीएम ने कहा विवाह शगुन योजना के तहत 41 हजार रुपये दिए जाते थे, जिसे आज से बढ़ाकर 51 हजार रुपये किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस सामूहिक विवाह समारोह में शादी के बंधन में बंधे जोड़ों को भी इस घोषणा का लाभ मिलेगा।
वित्तमंत्री ने कहा कि अपने जीवन के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आज सोमवती अमावस्या के शुभ अवसर पर उन्हें 53 लड़कियों का कन्यादान करने का पुनीत कार्य करने का सौभाग्य मिला है।
जीवन में ऐसा अच्छा जन्मदिन मनाने का पहले कभी अवसर नहीं मिला। उन्होंने बताया कि मैंने राजनीति में आते ही संकल्प लिया था कि जब कभी मुझे सरकारी पद पर रहते हुए जो वेतन मिलेगा, उससे मैं गरीब कन्याओं का कन्यादान करूंगा। पिछले तीन साल के दौरान मुझे मंत्री रहते हुए सरकार से वेतन के रूप में 16 लाख 65 हजार रुपये मिले। इनका सदुपयोग मैंने इस आयोजन हेतु किया है।
न भ्रूण हत्या करेंगे और न किसी को करने देंगे : सीएम
मुख्यमंत्री ने नवविवाहित जोड़ों को मैरिज सर्टिफिकेट, विवाह शगुन योजना के तहत मिलने वाली राशि का चेक, जीवन में हरियाली का प्रतीक पौधे प्रदान किए। उन्होंने उपस्थित जन को संकल्प दिलाया कि वे जीवन में कभी भी न तो भ्रूण हत्या करेंगे और न किसी को करने देंगे। उन्होंने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ तथा स्वच्छता अभियान में सहयोग की शपथ भी दिलाई।





