जम्मू-कश्मीर: गुलाम नबी आजाद के कांग्रेस में जाने की अटकलों पर विराम

गुलाम नबी आजाद के कांग्रेस में जाने की अटकलों पर भी फिलहाल पूर्ण विराम लग गया है। उनकी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) ने आखिरकार विधानसभा चुनाव के लिए 13 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी है।
कुछ दिन पहले यह बात सामने आई थी कि गुलाम नबी आजाद कांग्रेस में दोबारा शामिल हो सकते हैं। उनकी कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से बात चल रही है। हालांकि, उसी दौरान पार्टी की ओर से यह कहा गया था कि ऐसी कोई बात नहीं है। कांग्रेस की ओर से डीपीएपी को तोड़ने की यह साजिश है।
पार्टी की ओर से जारी पहली सूची में आजाद के करीबी गुलाम मोहम्मद सरूरी का नाम नहीं है। वह इंद्रवल से विधायक रहे हैं। राज्य सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। इंद्रवल में उन्होंने रविवार को बैठक कर आम कार्यकर्ताओं की राय ली कि उन्हें चुनाव मैदान में उतरना चाहिए या नहीं। विधानसभा के दूरदराज के क्षेत्रों से आए उनके समर्थकों ने एक स्वर में समर्थन देते हुए उन्हें चुनाव मैदान में उतरने के लिए कहा।
सूची में पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक व डीडीसी सदस्य
डीपीएपी के महासचिव संगठन आरएस चिब की ओर से जारी पहली सूची में 13 उम्मीदवारों के नाम हैं। इनमें पूर्व मंत्री अब्दुल मजीद वानी-डोडा पूर्व, पूर्व विधायक मोहम्मद आमिन भट-देवसर, पूर्व महाधिवक्ता मोहम्मद असलम गनी-भद्रवाह, डीडीसी सदस्य एडवोकेट सलीम पर्रे-डोरू, मुनीर अहमद मीर-लोलाब, डीडीसी सदस्य बिलाल अहमद देवा-अनंतनाग पूर्व से प्रत्याशी होंगे।
इसके साथ ही गुलाम नबी वानी-राजपोरा, मीर अल्ताफ हुसैन-अनंतनाग, कैसर सुल्तान गनेई-गांदरबल, गुलाम नबी भट-ईदगाह, आमिर अहमद भट-खान्यार, निसार अहमद लोन-गुरेज, पीर बिलाल अहमद-हजरतबल से चुनाव लड़ेंगे।





