J&K देश में ऐसा इकलौता राज्य है जहां एमबीबीएस के लिए प्रतिस्पर्धा सबसे कम होगी, एक सीट पर 12 उम्मीदवार

 जम्मू कश्मीर देश में ऐसा इकलौता राज्य है जहां एमबीबीएस के लिए प्रतिस्पर्धा सबसे कम होगी। यहां पर हर एक सीट के लिए मात्र 10 से 12 विद्यार्थियों के बीच प्रतिस्पर्धा है। इसका मुख्य कारण यहां की स्थायी नागरिकता प्रमाणपत्र का विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य होना है।

यहां इस बार 13295 विद्यार्थियों ने नेशनल एलिजिबिलटी एंड एंट्रेंस टेस्ट (नीट) दिया था। इसमें 52.4 फीसद विद्यार्थी ही सफल हुए। उनके लिए राज्य में इस समय एमबीबीएस की 900 और बीडीएस की 200 सीट है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की सीटें भी बढ़ गई तो 199 सीट और हो जाएंगी। इसे मिलाकर एमबीबीएस की 900 और बीडीएस की 1300 सीट हो जाएंगी।

इस समय राज्य में एमबीबीएस की 900 सीटें हैं। यही नहीं, इंदिरा गांधी डेंटल कॉलेज जम्मू और डेंटल कॉलेज श्रीनगर में बीडीएस की 50-50 सीटें हैं। डेंटल के निजी कॉलेज में बीडीएस की 100 सीटें हैं। यहां पर दूसरे राज्य से कोई भी उम्मीदवार प्रवेश नहीं ले सकता है।

अगर आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए भी सीटें बढ़ गईं तो प्रतिस्पर्धा और कम हो जाएगी। इस बार अच्छा यह है कि चार नए मेडिकल कॉलेजों में चार सौ में से दो सौ सीटें छात्राओं के लिए आरक्षित हैं। गौरतलब है कि देश के अन्य राज्यों में एमबीबीएस की एक सीट पर भी सैकड़ों उम्मीदवार होते हैं।

आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए बढ़ सकती है 199 सीटें

जम्मू कश्मीर में चार नए मेडिकल कॉलेज खुलने से इस साल एमबीबीएस की 400 सीटें बढ़ गई हैं। अगर सब कुछ ठीक रहा तो 199 सीटें और बढ़ सकती हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए भी 10 फीसद सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव है।

मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआइ) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने पहले से ही इस प्रस्ताव को केंद्र के पास भेजा हुआ है। इसके तहत इस सत्र में 25 फीसद सीटों में बढ़ोतरी होगी। जिन कॉलेजों में एमबीबीएस की 50 सीटें हैं, उनमें 62 सीटें हो जाएंगी। जहां 100 सीटों की क्षमता है वहां 125, 150 सीटों की क्षमता वाले कॉलेज में 187 सीटें हो जाएंगी। जिन कालेजों में 200 सीटें हैं, वहां 250 सीटें कर दी जाएंगी।

अगर ऐसा होता है तो नए मेडिकल कॉलेजों में 25-25 सीटें बढ़ जाएंगी। इसी तरह शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट््यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस बेमिना में 25, मेडिकल कॉलेज जम्मू और श्रीनगर में 37-37 सीटें बढ़ सकती हैं। एमबीबीएस की कुल 199 सीटें हो जाएंगी। इसे मिलाकर राज्य में एमबीबीएस की 1099 सीटें हो जाएंगी। सीटें बढ़ाने का फैसला 10 जून से पहले होने की उम्मीद है। यह पहली बार होगा कि राज्य में एमबीबीएस की इतनी सीटें बढ़ेंगी।

अब बोपी बनाएगा मेरिट सूची

मेडिकल कोर्सों में दाखिला के लिए हुए नेशनल एलिजीबिलिटी एंड एंट्रेंस टेस्ट (नीट) का परिणाम घोषित होने के बाद अब जम्मू कश्मीर बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एट्रेंस एग्जामिनेशन (बोपी) अपनी मेरिट सूची जारी करेगा। जम्मू कश्मीर के सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस व बीडीएस कोर्सों में दाखिला के लिए उम्मीदवार के पास राज्य का स्थायी नागरिकता प्रमाणपत्र होना चाहिए। बोपी ने कुछ दिन पहले ही रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया जारी कर दी थी। एडमिशन के इच्छुक उम्मीदवारों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवानी होगी, जिसमें उम्मीदवारों को दसवीं कक्षा के डिप्लोमा जिसमें जन्मतिथि, 12वीं कक्षा की माक्र्सशीट, नीट का परिणाम, श्रेणी का प्रमाणपत्र व अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध करवाने होंगे। उसे एमबीबीएस व बीडीएस में प्राथमिकता भी देनी होगी। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बोर्ड अपनी मेरिट सूची जारी करेगा। उसके बाद काउंसङ्क्षलग के लिए उम्मीदवारों को बुलाया जाएगा।

राज्य में इस कॉलेज में हैं अभी इतनी सीटें

मेडिकल कॉलेज जम्मू : 150

मेडिकल कॉलेज श्रीनगर : 150

मेडिकल कॉलेज कठुआ : 100

मेडिकल कॉलेज राजौरी : 100

मेडिकल कॉलेज बारामुला : 100

मेडिकल कॉलेज बारामुला : 100

शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट््यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज बेमिना : 100

आचार्य श्री चंद्र कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड अस्पताल: 100

इंदिरा गांधी डेंटल कॉलेज जम्मू : 50

डेंटल कॉलेज श्रीनगर : 50

डेंटल कॉलेज सियोड़ा जम्मू : 100

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