जम्मू: सात लोगों की गोली मारकर हत्या; गृह मंत्री अमित शाह बोले- आतंकी बचेंगे नहीं

गांदरबल में सोनमर्ग के पास गगनगीर इलाके में जेड मोड़ सुरंग निर्माण कर रही कंपनी में काम करने वाले मजदूरों पर रविवार की रात आतंकियों ने हमला कर छह मजदूरों और एक डॉक्टर की हत्या कर दी। कुछ अन्य मजदूर घायल हैं। इनमें पांच प्रवासी मजदूर भी हैं। हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा के सहयोगी संगठन द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है।

गगनगीर गुंड इलाके में सुरंग बना रही कंपनी एप्को के कर्मियों के शिविर पर पहुंचकर आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग की। इसमें मौके पर ही दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों में एक कश्मीरी डॉक्टर तथा चार अन्य मजदूरों की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतकों की पहचान डॉ. शाहनवाज और मजदूरों फहीम नजीर, कलीम, मोहम्मद हनीफ, शशि अबरोल, अनिल शुक्ला और गुरमीत सिंह के रूप में हुई है। इनमें गुरमीत पंजाब, अनिल मध्य प्रदेश और हनीफ, कलीम व फहीम बिहार के रहने वाले थे।

हमला होते ही कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके को घेर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है, ताकि आतंकियों को मार गिराया जा सके। आईजी वीके विर्दी भी मौके पर हैं। प्रवासी मजदूरों पर हाल के वर्षों में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला है। आतंकियों की संख्या दो बताई जा रही है। यह वारदात शोपियां में बिहार के मजदूर अशोक चौहान के आतंकी हमले में मारे जाने के एक दिन बाद हुई है। हत्या के विरोध में नागरिक समाज तथा कॉलेज के छात्रों ने शनिवार को जुलूस निकालकर शांति की अपील की थी। पिछले तीन दिन में आतंकी हमले में सात मजदूर मारे जा चुके हैं। 
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उमर सरकार के 5 दिन में दूसरा आतंकी हमला
उमर अब्दुल्ला सरकार के शपथ लेने के पांच दिन के भीतर प्रवासी मजदूरों पर यह दूसरा आतंकी हमला है। यह हमला जिस क्षेत्र में हुआ, वह उमर के विधानसभा क्षेत्र गांदरबल में आता है। इस वर्ष गैर कश्मीरियों पर यह पांचवां हमला है। हमले ने यहां काम करने वाले 50 हजार से अधिक प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां श्रमिकों में बिहार, यूपी, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पंजाब के लोग ज्यादा हैं। 

दहशत फैलाने की साजिश
माना जा रहा है कि यह हमले आतंकियों की दहशत फैलाने और फिर पैर जमाने की साजिश का हिस्सा हैं। 2021 में भी इसी तरह प्रवासी मजदूरों पर हमले किए गए थे। 16 व 17 अक्तूबर, 2021 को बिहार और यूपी के 4 मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब कश्मीर से बड़े स्तर पर प्रवासी मजदूरों ने पलायन किया था।

कैंप पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात
घटना के बाद पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रवासी मजदूरों के कैंप पर भी अतिरिक्त फोर्स की तैनाती कर दी गई है। वाहनों की तलाशी भी ली जा रही है।

शोपियां में बिहार के मजदूर की हत्या पर निकला था विरोध मार्च

ज्ञात हो कि शुक्रवार को आतंकियों ने बिहार के मजदूर की शोपियां में गोली मारकर हत्या कर दी थी। गोलियों से छलनी उसका शव सड़क किनारे पड़ा मिला था। इस घटना के विरोध में नागरिक समाज तथा कॉलेज के छात्रों ने शनिवार को विरोध मार्च निकालकर शांति की अपील की थी। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं ने घटना की निंदा की थी।

आतंकी बचेंगे नहीं, कठोर प्रहार होगा: अमित शाह
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘जम्मू-कश्मीर के गगनगीर में नागरिकों पर हुआ नृशंस आतंकी हमला कायरतापूर्ण घृणित कृत्य है। इस जघन्य कृत्य में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें हमारे सुरक्षा बलों की ओर से कड़ी से कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा। इस अत्यंत दुख की घड़ी में, मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।’

उमर अब्दुल्ला ने जताया दुख
सोनमर्ग क्षेत्र के गगनगीर में गैर-स्थानीय मजदूरों पर कायरतापूर्ण हमले की बेहद दुखद है। ये लोग इलाके में एक प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजना पर काम कर रहे थे। मैं निहत्थे निर्दोष लोगों पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा करता हूं और उनके प्रियजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना है।

आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा: उपराज्यपाल
वहीं, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘मैं गगनगीर में नागरिकों पर हुए जघन्य आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। मैं लोगों को आश्वस्त करता हूं कि इस घृणित कृत्य के पीछे जो लोग हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। हमने जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सुरक्षा बलों को पूरी आजादी दी है।’

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘हमारे बहादुर जवान जमीन पर हैं और वे सुनिश्चित करेंगे कि आतंकवादियों को उनकी हरकतों की भारी कीमत चुकानी पड़े। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। दुख की इस घड़ी में पूरा देश परिवारों के साथ एकजुटता से खड़ा है।’

प्रियंका गांधी ने की निंदा
प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘गांदरबल, जम्मू-कश्मीर में कायराना आतंकी हमले में पांच मजदूरों समेत छह नागरिकों की हत्या अत्यंत निंदनीय है। निर्दोष नागरिकों की हत्या करके आम जनता के बीच हिंसा व दहशत फैलाने जैसे कृत्य मानवता के विरुद्ध अपराध हैं। इसके खिलाफ पूरा देश एकजुट है। शोक-संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं एवं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना।’

प्रवासी मजदूरों पर हमले की निंदा करता हूं। यह सभी सुरंग बना रही निजी कंपनी में कार्यरत थे। निर्दोष मजदूर महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में लगे हुए थे। मारे गए मजदूरों के परिवार वालों के साथ पूरी सहानुभूति है। घायलों के स्वस्थ होने की कामना करता हूं। -नितिन गडकरी

गांदरबल में हिंसा की इस घटना की निंदा करती हूं जिसमें दो मजदूर मारे गए। परिवार वालों के प्रति गहरी संवेदना है। – महबूबा मुफ्ती, पीडीपी प्रमुख

यह कृत्य मानवता के खिलाफ है। शांति के दुश्मनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। मेरी संवेदना मारे गए लोगों के परिवार वालों के साथ है। – गुलाम नबी आजाद, पूर्व मुख्यमंत्री

एक बार फिर आतंकियों ने निहत्थे मजदूरों को निशाना बनाया। इस कायरतापूर्ण कृत्य की निंदा करता हूं। परिवारवालों के प्रति गहरी संवेदना है। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना है। -रविंद्र रैना, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा

आतंक की इस कायरतापूर्ण कार्रवाई की घोर निंदा करता हूं। मृतकों के परिवार वालों के साथ पूरी सहानुभूति है। उम्मीद है कि घटना में शामिल आतंकियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई होगी। – सज्जाद लोन, अध्यक्ष-पीपुल्स कांफ्रेंस

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