इस दिन मनाई जाएगी लाभ पंचमी, जाने शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

गुजरात में दिवाली उत्सव का समापन लाभ पंचमी के दिन होता है। वहां इस दिन को अत्यधिक शुभ माना गया है। ऐसा माना जाता है कि लाभ पंचमी के दिन की पूजा करने से उपासक को जीवन व्यवसाय और परिवार में लाभ आराम और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। ऐसे में आइए जानते हैं लाभ पंचमी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार लाभ पंचमी तिथि व्यक्ति को लाभ प्रदान करने का काम करती है। इसे सौभाग्य पंचमी, ज्ञान पंचमी आदि नामों से भी जाना जाता है। इस दिन को लाभ और सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है। इस दिन को मुख्यतः गुजरात और आसपास के क्षेत्रों में मनाया जाता है। यह दिन व्यवसाय करने वाले लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना गया है।
लाभ पंचमी का शुभ मुहूर्त
कार्तिक माह की पंचमी तिथि 17 नवम्बर को सुबह 11 बजकर 03 मिनट पर प्रारंभ हो रही है, जिसका समापन 18 नवम्बर सुबह 09 बजकर 18 मिनट पर होगा। ऐसे में लाभ पंचमी 18 नवम्बर, शनिवार के दिन मनाई जाएगी। इस दौरान पूजा का शुभ मुहूर्त प्रातःकाल 06 बजकर 46 मिनट से 10 बजकर 19 मिनट तक रहेगा।
लाभ पंचमी का महत्व
जैसा कि नाम से ही ज्ञात होता है, लाभ पंचमी तिथि लाभ प्रदान करती है। मान्यताओं के अनुसार लाभ पंचमी के दिन शिव परिवार और माता लक्ष्मी की पूजा करने से सभी प्रकार की समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। गुजरात में यह पर्व बहुत-ही धूमधाम से मनाया जाता है। बिजनेस करने वाले लोग इस दिन शुभ मुहूर्त में अपना प्रतिष्ठान खोलते हैं और नए खाता बही का उद्घाटन करते हैं।
लाभ पंचमी पूजा विधि
लाभ पंचमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत हो जाएं। इसके बाद सबसे पहले सूर्य को जल अर्पित करें। शुभ मुहूर्त में समस्त शिव परिवार – शिव-पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की मूर्ति स्थापित करें। इसके बाद भगवान गणेश पर चंदन, सिंदूर, अक्षत, फूल, दूर्वा अर्पित करें। साथ ही भगवान शिव को भस्म, बिल्व पत्र, धतूरा आदि अर्पित कर पूजन करें। सभी देवताओं के उनके प्रिय भोग अर्पित करते हुए नए बही खाता पर शुभ-लाभ लिखकर व्यापार की शुरुआत करें। साथ ही मां लक्ष्मी से व्यापार में वृद्धि के लिए कामना करें।





