इजराइली की इस जासूस हसीना को देख दुश्मन खुद ही हो जाते है गिरफ्तार, यकीन न हो तो देखो…

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत के 6 दिवसीय दौरे पर दिल्ली पहुंच चुके हैं। भारत में न सिर्फ उनकी सुरक्षा काे लेकर खास तैयारी की गई हैं, बल्कि उनके साथ दुनिया की सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसी मोसाद के भी कई एजेंट्स पहुंचे हैं। दरअसल, मोसाद के काम करने का तरीका सबसे अलग माना जाता है और शायद यही वजह है कि अमेरिका भी मोसाद का फैन है।

इजराइली की इस जासूस हसीना को देख दुश्मन खुद ही हो जाते है गिरफ्तार, यकीन न हो तो देखो...

आपको बता दें कि मोसाद के एजेंट अपने दुश्मन को दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढ निकालने का दमखम रखते हैं। एजेंसी में लगभग 1200 लोग काम करते हैं। इस एजेंसी में 40 पर्सेंट कर्मचारी महिलाएं हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़ 24 फ़ीसदी महिलाएं वरिष्ठ पदों पर हैं। हाल ही में मोसाद ने पहली बार महिला जासूसों के लिए ऐड भी छापा था।

गौरतलब है कि फिलिस्तीनी ग्रुप हमास के मिलिट्री विंग के फाउंडर महमूद अल मबूह की हत्या ने काफी सुर्खियां बटोरी थी। इसके पीछे भी मोसाद का हाथ था। साल 2013 में महमूद अल मबूह की हत्या पर किंडोन  फिल्म बनी थी। इसमें इजराइल की मशहूर मॉडल बार रफेली ने मोसाद एजेंट का रोल निभाया था।

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19 जनवरी 2010 को दुबई के होटल अल बुस्तान रोताना में अल मबूह का मर्डर कर दिया गया था। इस काम में मोसाद के 33 एजेंट लगे थे। अल मबूह के पैर में सक्सिनीकोलीन का इंजेक्शन दिया गया था, जिससे पैरालाइसिस हो जाता है। फिर उसके मुंह पर तकिया रखकर सफोकेट कर दिया गया था। इस फिल्म में किस तरह मोसाद की महिला जासूस अपने जाल में फंसाती है ये दिखाया गया था।

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बता दें कि लेडी ग्लोब्स पत्रिका में इजरायल की गुप्तचर सेवा मोसाद की हसीनाओं की असाधारण जीवनशैली के बारे में बताया गया था। यह हसीनाएं अपनी मादक अदाओं से दुश्मनों से राज उगलवा लेती हैं। मोसाद ने महिला जासूस की सबसे महत्वपूर्ण तैनाती 1986 में की थी। इसकी शुरुआत एक पूर्व परमाणु वैज्ञानिक को इजरायल वापस लाने के लिए इस एजेंट ने उसे अपने हुस्‍न के जाल में फंसाया था। मोसाद के प्रमुख तामिर पार्डो ने पत्रिका को बताया कि उनकी आधी जासूस महिलाएं हैं।
 

एक महिला जासूस के मुताबिक,’हम अपने स्त्री होने का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि कोई भी तरीका वैध होता है। लेकिन महिला एजेंटों का इस्तेमाल यौन उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाता है। उसके मुताबिक हम दुश्मनों से प्यार का नाटक करते हैं, लेकिन उनके साथ कोई फिजीकल रिलेशन नहीं बनाते हैं।

उसने कहा, ‘यदि कोई मर्द किसी वर्जित क्षेत्र में घुसना चाहता है तो उसे अनुमति मिलने की संभावना बहुत कम होती है। लेकिन, यदि कोई मुस्कुराती हुई महिला जाना चाहती है तो उसको अनुमति मिलने की संभावना बढ़ जाती है।’ बता दें कि मोसाद को जिस सबसे बड़ी खूबी के कारण जाना जाता है वो हैं ‘फाल्स फ्लैग ऑपरेशन’(कोवर्ट ऑपरेशन्स)। इस काम में मोसाद को महारत हासिल है। मोसाद को इजराइल की किलिंग मशीन कहा जाता है।

 

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