उत्तरकाशी जिले में बदहाल सड़कें दे रहीं सड़क हादसों को न्योता

सड़क दुर्घटनाओं के लिहाज से उत्तरकाशी जिला बेहद ही संवेदनशील है। चारधाम में दो धाम उत्तरकाशी जनपद में पड़ते हैं, इस लिहाज से सड़क सुरक्षा बेहद जरूरी है। यहां धरासू बड़कोट हाईवे, यमुनोत्री हाईवे और गंगोत्री हाईवे के अलावा उत्तरकाशी से केदारनाथ को जोडऩे वाले लंबगांव श्रीनगर मार्ग पर कई डेंजर जोन हैं। 
उत्तरकाशी जनपद में यात्रा काल के दौरान हर वर्ष हादसे बढ़ जाते हैं। जिले के चारधाम यात्रा मार्ग पर पिछले तीन सालों में सबसे अधिक सड़क हादसे 2015 में हुए। जिसमें 17 लोगों की मौत और 45 लोग घायल हुए। वर्ष 2016 में हादसों की संख्या कम रही।
2017 में यात्रा सीजन में तीन हादसे हुए। जिसमें 42 लोगों की मौत हुई। इस बार यात्रा सीजन का यह दूसरा बड़ा हादसा है। जिसमें नौ की मौत और पांच घायल हुए हैं। जबकि 32 दिन पहले गंगोत्री हाईवे पर संगलाई के पास हुए हादसे में 14 लोगों की मौत और एक बालिका गंभीर रूप से घायल हुई थी। इस बार हादसे होने का कारण बदहाल सड़क मानी जा रही है।
उत्तरकाशी में अधिकांश हादसों में बदहाल सड़कें ही जिम्मेदार रही है। उत्तरकाशी जनपद में तीन नेशनल हाईवे और एक राज्य मार्ग है, लेकिन कोई ऐसा मार्ग नहीं है, जिसकी स्थिति सही हो। सड़कों के किनारे पैराफिट, क्रश बैरियर, डेलीनेटर, पिलर कई डेंजर जोन पर नहीं हैं। अगर कोई वाहन अनियंत्रित हो गया तो वह इन पर टकराकर रुक भी नहीं सकता है।
जिस स्थान पर शुक्रवार को हादसा हुआ था, वहां पर बीआरओ ने पैराफिट, क्रश बैरियर, डेलीनेटर, पिलर नहीं बनाए थे। साथ ही, सड़क को भी सही नहीं किया है।
गंगोत्री हाईवे के डेंजर जोन
– नालूपानी, रणुवासा, रतूड़ी सेरा, नालूपानी, चढ़ेती, भटवाड़ी, संगलाई, थिरांग, हेल्गु गाड़, सुनगर, गंगनानी, डबराणी, झाला में डेंजर जोन हैं।
धरासू-बड़कोट हाईवे
– धरासू बैंड से एक किलोमीटर आगे, सिलक्यारा बैंड, ओरछा बैंड।
यमुनोत्री हाईवे
-डामटा, सारी गाड़, डबराणी, बर्नीगाड़, सिलाई बैंड, खरादी, फूलचट्टी, जानकी चट्टी।
उत्तरकाशी लंबगांव-श्रीनगर मोटर मार्ग
– कुटेटी देवी मंदिर से एक किलोमीटर आगे, साड़ा, चौरंगी, धौंतरी आदि।
उत्तरकाशी जनपद में यात्राकाल के दौरान हुए हादसे
वर्ष————-हादसे——मृतक——घायल
2015———–21———-17——–45
2016————-2———–5——–10
2017————-3———42———-5
2018————-2———23———-6
डरावनी हैं गंगोत्री हाईवे की दुर्घटनाएं
गंगोत्री हाईवे पर उत्तरकाशी से 45 किलोमीटर गंगोत्री की ओर शुक्रवार को हुई टैंपो ट्रैवलर दुर्घटना ऐसे स्थान पर हुई है, जहां सड़क कच्ची और कुछ संकरी थी। हादसे ने नौ लोगों की जिंदगी छीन ली। गंगोत्री हाईवे पर यह कोई पहली बड़ी दुर्घटना नहीं है। इससे पहले भी यहां 11 बड़ी सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
ऋषिकेश से चिन्यालीसौड़ के बीच में कई बड़ी दुर्घटनाएं हुई हैं। अधिकांश दुर्घटनाएं उत्तरकाशी जनपद में घटी हैं। वर्ष 2012 व 2013 की आपदा ने उत्तरकाशी में सड़कों की स्थिति को जर्जर बना दिया था। इनमें सबसे खराब स्थिति गंगोत्री हाईवे की थी। पूरा हाईवे जगह-जगह क्षतिग्रस्त और संकरा भी हो गया था। वर्ष 2016 तथा 2017 में बीआरओ ने कुछ स्थानों पर हाईवे को सही किया।
उत्तरकाशी जनपद में हुई बड़ी दुर्घटनाएं
– 20 सिंतबर 1995 को बस भागीरथी में गिरने से 70 लोगों की मौत (गंगोत्री हाईवे)
– 9 जुलाई 2006 को नालूपानी के पास बस गिरने से 22 लोगों की मौत (गंगोत्री हाईवे)
– 3 जुलाई 2008 को नाकुरी के पास बस गिरने से 13 लोगों की मौत (गंगोत्री हाईवे)
– 21 जुलाई 2008 को सुक्कीटॉप के पास बस गिरने से 14 लोगों की मौत (गंगोत्री हाईवे)
– 4 जुलाई 2009 को भटवाड़ी गंगनानी के बीच में बस भागीरथी में गिरने से 40 लोगों की मौत (गंगोत्री हाईवे)
– 10 जुलाई 2009 को नालूपानी में टैक्सी गिरने से 12 लोगों की मौत (गंगोत्री हाईवे)
– 1 अगस्त 2010 को भटवाड़ी के डबरानी के पास ट्रक गिरने से 27 लोगों की मौत (गंगोत्री हाईवे)
– 16 जुलाई 2012 को संगलाई के पास मैक्स खाई में गिरने से पांच ग्रामीणों की मौत (गंगोत्री हाईवे)
– 29 जुलाई 2013 को मोरी के पांव तल्ला के पास बस गिरने से 13 की मौत, 20 घायल (मोरी नैटवाड़ सम्पर्क मार्ग)
– 23 मई 2017 को नालूपानी के पास बस गिरने से 27 लोगों की मौत (गंगोत्री हाईवे)
– 4 जून 2017 को भटवाड़ी हेल्गुगाड़ के पास टैक्सी गिरने से 12 लोगों की मौत (गंगोत्री हाईवे)
– 3 सितंबर 2018 को भटवाडी संगलाई के पास टैम्पू ट्रेवल गिरने से 14 लोगों की मौत (गंगोत्री हाईवे)
– 5 अक्टूबर 2018 को भटवाड़ी सुनगर के पास हुए हुए टैम्पो ट्रैवलर में 9 लोगों की मौत (गंगोत्री हाईवे)





