भारत की इकलौती नदी, बहते-बहते अचानक हो जाती है गायब!

भारत में कई नदियां हैं. इसके पानी से ही लोगों की प्यास बुझती है. जब नदी का पानी पीने के पानी की जरुरत को पूरा करने में नाकामयाब होने लगा, तब झील और तालाब का निर्माण किया गया. वैसे पहले भी कई प्राकृतिक झील थे. लेकिन इंसानों ने भी कई झील और तालाब का निर्माण किया है. बाद नदियों की कर रहे हैं तो भारत में कई नदियां अपने उद्गम स्थली से निकलती हैं और फिर बहते हुए आखिर में समुद्र में मिल जाती है. नदियां या तो बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं या फिर अरब सागर में. लेकिन भारत में एक ऐसी नदी है जो बिना समुद्र में मिले गायब हो जाती है.
नदियों का पानी आमतौर पर मीठा होता है. इसमें कई समुद्री जीव रहते हैं. लोग इसके पानी से अपनी प्यास बुझाते हैं. लेकिन समुद्र का पानी पीने योग्य नहीं होता. ये पानी खारा होता है. लेकिन भारत में एक ऐसी नदी है, जिसके पानी को कोई पी नहीं सकता. इसकी वजह है इसका खारापन. जी हां, भारत की वो इकलौती नदी, जिसका पानी खारा होता है. साथ ही ये आदि ख़ास इसलिए है कि इसका पानी किसी भी समुद्र में नहीं मिलता. आखिर कौन सी है ये नदी.
हो जाती है गायब
लूनी नदी गहरी नहीं है. ये चौड़ी होकर बहती है. जब नदी चौड़ी हो जाती है तो इसका पानी जल्दी भाप में बदल जाता है. साथ ही लूनी नदी राजस्थान के उन इलाकों से गुजरती है, जहां गर्मी ज्यादा होती है. ऐसे में वहां पानी जल्दी भाप में बदल जाता है और ये गायब हो जाता है. लूनी नदी थार रेगिस्तान पहुँचने के आबाद गुजरात के रण ऑफ कच्छ में जाकर गायब हो जाती है और किसी भी समुद्र में नहीं गिरती.





