यूपी के हमीरपुर पहुंचे कैबिनेट मिनिस्टर ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने यहां भागीदारी आंदोलन मंच के कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए दलितों, अति पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को उनके अधिकार दिलाने के लिए आंदोलन का ऐलान किया. इस दौरान उन्होंने विवादित बयान भी दिया. उन्होंने वाराणसी हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 125 करोड़ आबादी में से 100 करोड़ कि आबादी को भ्रष्टाचारी हैं. उन्होंने कहा ‘भारत की सवा सौ करोड़ की आबादी में सौ करोड़ लोगों के खून में भ्रष्टाचार है, हमारे देश के प्रधानमंत्री खुद भ्रष्टाचार की लड़ाई लड़ रहे हैं. जिसे सुधारने में समय लगेगा’. वहीं, उन्होंने प्रदेश में शराबबंदी की मांग को लेकर 20 मई को 50 हजार महिलाओ के साथ जोरदार आंदोलन करने की घोषणा भी की.

कमजोर वर्गों के लिए शुरू की लड़ाई

ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि समाज के कमजोर तबके को उसका हक दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि पिछले 70 सालों से अति दलितों, अति पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को भागीदारी नहीं मिली है. इसीलिए भागीदारी आंदोलन मंच ने ये लड़ाई शुरू की है. उन्होंने प्रदेश में शराबबंदी की मांग को लेकर 20 मई को आंदोलन करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि बलिया में करीब 50 हजार महिलाओं के साथ शराबबंदी की मांग को लेकर आंदोलन किया जाएगा.

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इससे पहले कहा था- नेताओं के पीछे क्यों भागती है जनता

इससे पहले उन्होंने कहा था कि जनता नेताओं की चिंता छोड़े और खुद पर ध्यान दे. नेता अपने आप ठीक हो जाएंगे. उन्होंने नेताओं को किस तरह से गंभीरता से लेना है, पर लोगों को सलाह दी. और कहा कि जनता नेताओं के पीछे क्यों भागती है? बता दें कि राजभर लगातार अपने बयानों के कारण चर्चा में हैं. 5 मई को ही उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ को निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि सीएम जिन अफसरों की सलाह लेते हैं, उन्हें वही अफसर ले डूबेंगे. अगर सीएम अपने विवेक से काम लेते तो यूपी का ये हाल नहीं होता. इससे पहले उन्होंने शराब को लेकर बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि राजपूत और यादव सबसे ज्‍यादा शराब पीते हैं. शराब ही उन लोगों का पुश्‍तैनी कारोबार है. इसके बाद उनके लखनऊ आवास पर टमाटर फेंके गए थे. मामले में पांच लोग अरेस्ट किए गए थे.