इमरजेंसी में तेल जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत बनाएगा ऑयल रिजर्व…

इमरजेंसी में अतिरिक्त तेल के कच्चे भंडार को बनाए रखने के लिए भारत दुनिया भर के तेल उत्पादकों और व्यापारियों से तेल खरीदने की योजना बना रहा है। इसके लिए 1.5 अरब डॉलर निवेश किए जा सकते हैं।इमरजेंसी में तेल जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत बनाएगा ऑयल रिजर्व...

भारतीय स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एचपीएस अहुजा ने कहा कि कच्चे तेल को सुरक्षित रखने के लिए अंडरग्राउंड टैंक के निर्माण की योजना बन रही है। इन्हें दो अलग-अलग स्थानों पर बनाया जाएगा, जिसमें 65 लाख टन कच्चे तेल को रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि भंडारण सुविधाओं के निर्माण से राज्य के वित्त पर कम बोझ पड़ेगा और सरकार को अपने बजट लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

मालूम हो कि भारत अपनी जरूरतों का 85 फीसद कच्चा तेल आयात करता है। देश में तेल की बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए सरकार ने इसी महीने टैक्स में कटौती की है।   

एचपीएस अहुजा ने कहा कि कच्चे तेल के भंडार को बढ़ाने के लिए हमारा जोर टैंक के निर्माण और उसमें तेल को रिज़र्व रखने को लेकर है। उन्होंने कहा कि इस कदम से निवेशकों को आने वाले समय में लाभ मिलने की संभवाना है। एचपीएस अहुजा के मुताबिक तेल के इन टैंक में हम लगातार क्रूड का संचय जारी रखेंगे। 

तेल भंडारण के लिए जिन दो टैंक के निर्माण की बात चल रही है, उनमें से दोनों देश के दक्षिणी राज्य में स्थित हैं। पहला ओड़िशा का चंदिखोल और दूसरा कर्नाटक के पादुर में है। चंदिखोल में 40 लाख टन तेल भंडारण की सुविधा होगी जबकि, पादुर में 25 लाख टन कच्चा तेल संचय किया जा सकेगा।

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