भारत और यूरोपीय संघ ने सेमीकंडक्टर एमओयू पर किए हस्ताक्षर!

यूरोपीय आयोग के बयान के अनुसार, यूरोपीय संघ और भारत इस ज्ञापन के तहत विभिन्न सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र के अनुभव, सर्वोत्तम अभ्यास और जानकारी साझा करेंगे।

भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने शुक्रवार को सेमीकंडक्टर ईको सिस्टम स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इससे ईयू और भारत को सेमीकंडक्टर आपूर्ति और नवाचार क्षेत्र में सहयोग में मदद मिलेगी। शुक्रवार को ऑनलाइन आयोजित भारत-ईयू व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद से पहले यूरोपीय आंतरिक बाजार आयुक्त थिएरी ब्रेटन और भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस समझौते का उद्देश्य भारत और यूरोपीय संघ के बीच सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन को लचीला बनाना है। साथ ही अनुसंधान और नवाचार, कौशल विकास, साझेदारी और बाजार की जानकारी की साझा करने में सहयोग बढ़ाना है। बयान में कहा गया है कि एमओयू भारत और यूरोपीय संघ के बीच मजबूत सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला बनाने और नवाचार पर मिलकर काम करने की मजबूत प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

वहीं, यूरोपीय आयोग के बयान के अनुसार, यूरोपीय संघ और भारत इस ज्ञापन के तहत विभिन्न सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र के अनुभव, सर्वोत्तम अभ्यास और जानकारी साझा करेंगे। क्षेत्र में समान अवसर बनाए रखने और विशेष रूप से दी गई सरकारी सब्सिडी पर जानकारी का आदान-प्रदान करेंगे।

व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद की बैठक की भारत की ओर से सह-अध्यक्षता विदेश मंत्री एस जयशंकर, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की। ईयू पक्ष की ओर से कार्यकारी उपाध्यक्ष वाल्डिस डोम्ब्रोव्स्की और उपाध्यक्ष वेरा जौरोवा ने बैठक की अध्यक्षता की। भारत-ईयू व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने अप्रैल 2022 में की थी, तब लेयेन भारत दौरे पर आई थीं।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि टीटीसी की बैठक के दौरान सह-अध्यक्षों ने पहली मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद की प्रगति की समीक्षा की और भविष्य की कार्य योजनाओं पर भी चर्चा की। दोनों पक्षों ने टीटीसी के लिए निर्धारित उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए रणनीतिक प्रौद्योगिकी और डिजिटल कनेक्टिविटी, स्वच्छ और हरित ऊर्जा प्रौद्योगिकी, और व्यापार, निवेश और लचीली आपूर्ति श्रृंखला पर कार्य समूहों का मार्गदर्शन किया। विशेष रूप से सेमीकंडक्टर, उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, ईवी बैटरी और उनके रीसाइक्लिंग, अपशिष्ट से ऊर्जा, लचीली आपूर्ति श्रृंखला और एफडीआई स्क्रीनिंग के क्षेत्र में कार्य समूहों की प्रगति को सराहा।

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