इस तरह से जानिए भविष्य में क्या होने वाला है आपके साथ

माना जाता है कि जिसकी छठी इंद्री या सिक्सथ सेंस मजबूत होता है उसे भविष्य में होने वाली घटनाओं का आभास हो जाता है। योग में इस शक्ति को जगाने के लिए भी कई उपाय बताए गए हैं।
 

इस तरह से जानिए भविष्य में क्या होने वाला है आपके साथयोगीजनों का मानना है कि इस का केंद्र ब्रह्मरंध्र है। जो दोनों आंखो के बीच भ्रूमध्य स्थान से कुछ ऊपर कपाल के ठीक बीच में है। मनुष्य के शरीर में जिन सूक्ष्म नाड़ियों का जाल फैला हुआ है उनमें तीन प्रमुख है इड़ा, पिंगला और सुषुम्ना।  सुषुम्ना मध्य में स्थित है और जब नासिका के दोनों स्वर चलते हैं तो माना जाता है कि उसके सक्रिय होने के लिए उपयुक्त स्थिति जाती है।
 

इस सक्रियता से अतींद्रिय ज्ञान जाग्रत होता है। इन तीन नाड़ियों के अलावा पूरे शरीर में हजारों नाड़ियां होती हैं। प्राणायाम और आसनों से इनकी शुद्धि होती है और शुद्धि के बाद अतींद्रिय ज्ञान जगाने का अभ्यास किया जाता है। अभ्यास के लिए सर्वप्रथम जरूरी है साफ और स्वच्छ वातावरण, जहां फेफड़ों में ताजी हवा भरी जा सके।
 

इसी के माध्यम से पूर्वाभास और साथ ही इससे भविष्य के गर्भ में झांकने की क्षमता भी बढ़ती है। यही अतींद्रिय ज्ञान के विकास की शुरुआत है। कोई हमारे पीछे चल रहा है या दरवाजे पर खड़ा है जैसी बातों का आभास होने लगता है।
 
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