भगवान की शरण में मरीज, रूठे हुए हैं धरती के ये ‘भगवान’

प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में एक बार फिर चिकित्सा व्यवस्थाएं गड़बड़ा गईं हैं। इसके कारण यहां आने वाले मरीज परेशान हैं और अब केवल ईश्वर की शरण में ही अपनी अरदास लगा रहे हैं।

दरअसल, पिछले माह राजस्थान के सेवारत चिकित्सकों ने अपनी 33 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल की थी। सात दिन बाद सरकार से वार्ता के बाद समझौता हुआ, लेकिन अब फिर से यहां डॉक्टर्स उखड़ गए हैं। डॉक्टर्स संघ का कहना है कि उनकी मांगों पर ठीक तरह से कार्य नहीं किया गया। ऐसे हालात में डॉक्टर्स ने फिर कार्य बहिष्कार कर दिया है और अब मरीज केवल भगवान की शरण में अरदास लगा रहे हैं कि उनका क्या कसूर है?

 भगवान की शरण में मरीज, रूठे हुए हैं धरती के ये 'भगवान'

प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल में आज हालात मरीजों के विपरित रहे। सवाई मानसिंह अस्पताल के नाम से देशभर में मशहूर इस हॉस्पिटल में मरीज डॉक्टर्स रूम के बाहर बैठे रहे, लेकिन डॉक्टर साहब नहीं आए। कुछ मरीजों की तबीयत इतनी खराब थी कि वे ज्यादा देर खड़े नहीं रह पाए तो जमीन पर ही बैठ गए।

 

सवाई मानसिंह अस्पताल में आए कई मरीजों को तो ये भी पता नहीं था कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं। दूरदराज से आए ऐसे मरीज डॉक्टर्स की खाली कुर्सी को बार-बार देखते दिखे कि कहीं डॉक्टर साहब अंदर ही तो नहीं बैठे हैं। वहीं, स्ट्रैचर पर भी कई मरीज करहाते रहे, पर उनका दर्द सुनने वाला यहां कोई नहीं था।

 

राजस्थान सरकार ने भले ही रेस्मा लगा रखा हो, लेकिन इसका भी डॉक्टर्स पर कोई डर नहीं दिखा। अस्पतालों में डॉक्टर साहब की कुर्सियां खाली रही और मरीज की भीड़ बढ़ती रही। कई मरीज इमरजेंसी के चलते प्राइवेट अस्पतालों में चले गए। ऐसे में उन्हें आर्थिक भार उठाना पड़ा।

 

डॉक्टर्स हड़ताल पर सरकार ने भी सख्ती शुरू कर दी है। प्रदेश के कई जिलों में हड़ताल पर गए डॉक्टर्स की गिरफ्तारियां शुरू कर दी गई हैं। साथ ही, डॉक्टर्स हाउस पर भी पुलिस की ओर से दबिश दी जा रही है। मामले में अब तक करीब 65 डॉक्टर्स गिरफ्तार किए गए हैं। कई अस्पतालों में परिजन अपनों के शव का पोस्टमार्टम तक नहीं करा सके।

राजस्थान में एसएमएस अस्पताल सहित इससे संबंद्ध सेटेलाइट, कांवटियां, जयपुरिया, महिला अस्पतालों में भी मरीज परेशान रहे। सीकर, जैसलमेर, जोधपुर, कोटा सहित कई जिलों में भी हालात गंभीर दिखे। वहीं, कई जगह प्रशासन ने बीएसएफ और सेना के डॉक्टर्स से सहायता ली है।

 
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