देखिये क्या हुआ जब गोमती किनारे उड़ी 20 किलो की पतंग, देखने के लिए इक्कठा हो गये लोग

रुक -रुककर चलती पछुआ हवा के झोंके के साथ लहराती, उड़ती, गोते लगाती पतंगों के पेंच मंगलवार को भी खूब लड़े। पतंगबाजों ने घसिट्टम के पेंचों से प्रतिद्वंद्वियों को हराया। इस दौरान 20 किलो की पतंग सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र रही।
वहीं, कई आकृतियों और रंग बिरंगी कलात्मक पतंगें जब आसमान में उड़ीं तो ऐसा लगा मानो रंग बिरंगे पंछी एक साथ हवा में उड़ान भर रहे हैं।गौरतलब है कि लखनऊ महोत्सव के तहत पतंग महोत्सव का उद्घाटन सोमवार को 1090 चौराहे के पीछे पार्क में हुआ था।
पर्यटन विभाग के विशेष सचिव एपी सिंह की मौजूदगी में दिन भर यहां कई पतंगबाजों ने हवा में वो काटा-वो मारा के शोर के बीच आसमानी दांव से ‘कनकौव्वाबाजों’ की पतंगें काट अंक जुटाए, प्रतिद्वंद्वियों को हराया।
पतंग महोत्सव प्रबंधक नीरज पाहूजा ने बताया कि पहले दिन 96 टीमों के प्रतिभागियों के बीच 96 मुकाबले हुए। 4 टीमों के पतंगबाज सेमीफाइनल में पहुंचे।
मंगलवार दोपहर फाइनल मुकाबला शुरू हुआ। इससे पहले कई आकृतियों और रंग बिरंगी कलात्मक पतंगों की प्रदर्शनी भी लगी। इन्हें देखकर लोग हैरान रह गए। किसी को मोदी-योगी की फोटो वाली पतंग ने लुभाया तो किसी को डोली में बैठी दुल्हन वाली पतंग ने मोहा।
राजा-रानी और राधा-कृष्ण के चित्र वाली पतंगों ने भी लोगों का आकर्षण चुराया। यही नहीं, लोगों ने पतंग के माध्यम से क्लीन यूपी ग्रीन यूपी, स्वच्छ भारत अभियान का भी संदेश दिया।





