पद्मावत फिल्म देखी तो दूर हुई भ्रांति, SC-ST एक्ट पढ़ें तो खत्म होगा विवाद: थावरचंद गहलोत

केंदीय मंत्री थावरचंद गहलोत ने एससी/एसटी एक्ट पर आंदोलन को खत्म करने के लिए पद्मावत का उदाहरण देते हुए मामले का सुलझाने का प्रयास किया है. एससी/एसटी एक्ट के बवाल के बीच केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत का बड़ा बयान दिया है.पद्मावत फिल्म देखी तो दूर हुई भ्रांति, SC-ST एक्ट पढ़ें तो खत्म होगा विवाद: थावरचंद गहलोत

थावरचंद गहलोत का कहना है कि “जिस तरह से पद्मावत फिल्म को लेकर देशभर में बवाल हुआ, आगजनी हुई, हिंसा हुई, लेकिन बाद में जब फिल्म रिलीज हुई और लोगों ने फिल्म को देखा तो उनका भ्रम दूर हुआ. इसी तरीके से देश में जितने लोग भी इस एक्ट का विरोध कर रहे है पहले उसे पढ़े-समझें. उनका भ्रम दूर हो जाएगा. 

संसद ने सर्वसम्मति से किया था बिल पारित
जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि देश की संसद ने सर्वानुमति से बिल को पारित किया. देश के सभी राजनैतिक दलों ने इसे पास किया. इसका मतलब ये है कि एससी/एसटी एक्ट की जरूरत थी समाज में. एक्ट 1989 में बना और 1990 से चल रहा है और आगे भी इसी तरह से चलाने का प्रयास करेंगे.

उन्होंने आंदोलनकारियों से अनुरोध किया है कि पहले इस एक्ट को पढ़ें, उसके बाद में उनकी भ्रांतियां दूर होगी. उनका कहना था कि मध्यप्रदेश में दो जगहों को छोड़ बाकी अन्य जगहों पर आंदोलन इतना सफल नहीं रहा. गौरतलब है कि एससी/एसटी एक्ट पर हाल ही में सवर्णों की ओर से भारतबंद बुलाया गया था. ऐसे में देश में विरोध के चलते अधिकतर राज्यों में बंद का असर देखा गया था. राजस्थान में भी एक्ट का विरोध किया गया था.

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