अगर आपके पास वोटर कार्ड नहीं है तो नहीं है घबराने की जरूरत, इन दस्तावेजों को दिखा कर सकते हैं मतदान

 प्रदेश में विधानसभा चुनाव रविवार को है। शुक्रवार से चुनाव आयोग की टीमें घर-घर जाकर मतदाताओं को वोट डालने संबंधी पर्चियां पहुंचाने में लग गई हैं। टीम की ओर से मतदान करने जाते समय पहचान पत्र के लिए विकल्प के रूप में क्या ले जा सकते हैं, इसकी भी जानकारी दी रही है। अगर मतदाता का वोट बना है, लेकिन उसके पास वोटर कार्ड नहीं है तो भी वह मतदान कर सकता है। इसके लिए उसे आधार कार्ड, पैनकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या श्रम मंत्रालय की तरफ से जारी पहचान पत्र को दस्तावेज के तौर दिखाना होगा। 

इन दस्तावेजों को दिखा कर सकते हैं मतदान

  • पैन कार्ड।
  • केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र।
  • सांसद, विधायक, पार्षद को जारी किए गए द्वारा जारी पहचान पत्र।
  • केंद्र या फिर राज्य सरकार द्वारा जारी डिसएबिलिटी आई कार्ड।
  • फोटो लगा पेंशन कार्ड।

बीएलओ को पर्चियां वितरित करने की जिम्मेदारी

मतदान के लिए पर्चियां वितरित करने की जिम्मेदारी बीएलओ टीम के सदस्यों को ही भी दे दी गई है। यह कर्मचारी शनिवार शाम तक वोटरों के घरों में जाकर वोट की पर्चियां देंगे। पर्चियां नहीं मिलने पर मतदान केंद्र पर भी इसकी व्यवस्था रहेगी। आयोग की टीमें लोगों को मतदान के लिए भी जागरूक कर रही हैं, ताकि मतदान के प्रतिशत को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाया जा सके। पहले मतदान की पर्चियां प्रत्याशी व उनके समर्थक घर-घर पहुंचाते थे, और इसी बहाने उनका अपना प्रचार हो जाता था। इस बार के चुनाव में आयोग ने प्रत्याशियों के घर-घर पर्चियां बांटने पर रोक लगा दी है, ताकि प्रत्याशी मतदाताओं पर इस बहाने अपना कोई असर नहीं छोड़ पाए।

अगर नहीं मिली मतदान पर्ची तो ऐसे भी कर सकते हासिल

अगर चुनाव आयोग की टीम आपके घर वोट की पर्ची देने नहीं पहुंची है तो मतदान वाले दिन केंद्र के बाहर लगे काउंटरों से अपनी पर्ची हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा पो¨लग बूथ के अंदर बैठे पो¨लग स्टाफ से भी अपने घर का पता, अपना नाम, पिता का नाम तथा अपना वोटर कार्ड दिखाकर पर्ची हासिल की जा सकती है।

मत का इस्तेमाल करें, मिलेगा बेहतर माहौल : डीसी

जिला चुनाव अधिकारी कम डीसी घनश्याम थोरी ने कहा कि 18 साल से उपर के हर नागरिक को अपने मत का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। इसके लिए हर पो¨लग स्टेशन पर व्यापक स्तर पर प्रबंध किए गए है। अगर वोटर के पास वोटर कार्ड नहीं है तो अन्य विकल्प दिए गए है, जिसके माध्यम से वोट का इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रत्याशी के हाथ से गया साइलेंट प्रचार का मौका आमतौर पर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के प्रत्याशियों द्वारा चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद लोगों के घर वोट की पर्चियां पहुंचाने के साथ ही अपने साइलेंट प्रचार का अवसर भी मिल जाता था। इस दौरान लिफाफे में वोटर की पर्ची जिस पर बूथ लेकर तमाम तरह की जानकारी दी जाती है के साथ ही पार्टी के चुनाव चिन्ह का स्टीकर व प्रत्याशी का प्रचार भी किया जाता था। इससे चुनाव प्रचार बंद होने के बाद भी प्रत्याशी साइलेंट प्रचार कर जाता था।

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