क्या आपके पार्टनर के साथ आपका संवाद भी बन जाता है विवाद, तो हो सकती हैं ये 5 वजह

किसी भी रिश्ते की बुनियाद अच्छे और खुले संवाद पर टिकी हो, तो इससे रिश्ते मजबूत बनते हैं। रिश्ते के शुरुआती दिनों में तो सबकुछ ठीक रहता है, लेकिन जैसे-जैसे रिश्ते पुराने होते हैं, तो संवाद घटने लगता है और उनमें खटास आने लगती है। कुछ लोगों को ऐसा आभास होता है कि वे अपनी तरफ से संवाद तो अच्छे से कर रहे हैं, फिर भी उनके रिश्ते खराब होते जा रहे हैं।
हालांकि, असल में ऐसा होता नहीं है। कई बार आप अपनी तरफ से होने वाले जिस संवाद को अच्छा समझते हैं, वह असल में एक अच्छा संवाद होता ही नहीं है। इसका अहसास भले ही आपको न हो, लेकिन सामने वाले को इसका पता चल जाता है और इसी वजह से आपके रिश्ते बिगड़ने लगते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कुछ ऐसी आदतों के बारे में, जिससे आप यह पता लगा सकते हैं कि आप किसी रिश्ते में अच्छा संवाद कर रहे हैं या नहीं-
बार-बार हस्तक्षेप करना
आपको लगता है कि आप बात कर रहे हैं, लेकिन गौर करें कहीं आप सामने वाली की हर बात में हस्तक्षेप तो नहीं कर रहे हैं। आप सामने वाले को बोलने का मौका ही नहीं देते हैं। अपनी ही बात हमेशा महत्व देते हैं और सामने वाले को बोलने का मौका ही नहीं देते हैं।
अनुमान लगाना
आप सोचते हैं कि आप अपने पार्टनर या किसी और से संवाद कर रहे हैं, लेकिन कहीं ऐसा तो नहीं कि आप बात-बात पर बेबुनियाद अनुमान लगाते हैं और सामने वाले को दुखी करते हैं। ऐसे में संभव है कि आपका पार्टनर या तो शांत हो जाए या फिर बात बहस और लड़ने की तरफ मुड़ जाए।
सामने वाले पर दोष लगाना
अगर बातचीत के दौरान सामने वाला एक बार गुस्से में चिल्लाता है, तो आप उनके ऊपर दोष लगाते हैं कि तुम हमेशा ही चिल्लाते हो, या फिर तुम हमेशा लड़ते हो। इस तरह की बातें उन्हें दुखी करती है और मूड खराब करती है। वह भी तब जब सामने वाला बहुत कम अपना गुस्सा जाहिर करता हो, तो ऐसी बातें और भी आहत करती हैं।
आप चीजों को बढ़ा-चढ़ा कर पेश करते हैं
अपने हिसाब से आप अपने पार्टनर से संवाद करते हैं, लेकिन असल में आप उनकी गलतियों को दो का चार बना कर उन्हें सुना रहे होते हैं। इस तरीके से बढ़ा-चढ़ा कर बताने से सामने वाला और भी अधिक भड़क सकता है और यह संवाद नहीं बल्कि और भी बड़ी लड़ाई को जन्म देता है।
हर समय शिकायत करना
जब आप संवाद करने के नाम पर सामने से हर समय उसकी बुराई करते हैं, तो इसे एक भड़काऊ संवाद बनने में मिनट भी नहीं लगता। हर समय कंप्लेन करने के मोड में न रहें। आपसी कमियों की चर्चा करें, उन्हें कैसे ठीक किया जा सकता है, इस पर चर्चा करें। अपने संवाद को एक स्वस्थ संवाद बनाए रखें, तभी आपका रिश्ता सदा के लिए बना रहेगा।





