साइंस की मानें तो पांव हिलाने की आदत को एक नवर्स सिस्‍टम से जुड़ी बीमारी रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम के लक्षण के तौर पर देखा जाता है

आपने अक्सर कई लोगों को एक जगह बैठे-बैठे या बिस्तर पर लेटे हुए भी अपने पैर हिलाते हुए देखा होगा। हो सकता है कई बार आप भी टेंशन में ऐसा करते हों। लेकिन क्या आप जानते हैं आपकी इस सामान्य सी लगने वाली आदत का सीधा संबंध आपके नर्वस सिस्‍टम से जुड़ा होता है। जी हां, साइंस की मानें तो इस पैर हिलाने की आदत को अच्‍छे संकेत के तौर पर नहीं देखा जाता है। दरअसल,पांव हिलाने की आदत को एक नवर्स सिस्‍टम से जुड़ी बीमारी रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम के लक्षण के तौर पर देखा जाता है।  

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम- 
मेडिकल साइंस में बैठे बैठे पैर हिलाने की यह आदत को ‘रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम’ RLS के नाम से जाना जाता है। यह बीमारी नींद ना आने के वजह से होती है। दरअसल, जब व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान रहता है या बचपन से ही उसे नींद ना आने की समस्या होती है, तो वह कुछ समय बाद ‘रेस्टलेस लेग सिंड्रोम’ का शिकार हो जाता है। इस बीमारी से पीड़ित लोगों को ‘कार्डियोवैस्कुलर’ संबंधित रोग अपनी चपेट में लेते हैं। इतना ही नहीं लगातार पैर हिलाते रहने से ब्लड प्रेशर के साथ-साथ दिल की धड़कनों की गति भी बढ़ जाती है, जिसकी वजह से आगे चलकर जान जाने तक का खतरा बढ़ सकता है।

नर्वस सिस्टम से कैसे जुड़ा है ये सिंड्रोम- 
एक शोध के अनुसार 10 फीसदी लोगों में ये समस्या आम पाई जाती है। इसके ज्यादातर लक्षण 35 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों में दिखाई देते हैं। पैर हिलाने की आदत की वजह से व्यक्ति के शरीर में डोपामाइन हार्मोन बनने लगता है, जिससे मनुष्य को अच्छा फील होता है और वह बार-बार पैर हिलाता है।

आयरन की कमी भी हो सकती है वजह-
जब किसी व्यक्ति को अच्छी नींद नहीं आती तो उसे थकान महसूस होने लगती है। इस रोग को स्लीप डिसऑर्डर भी कहा जाता है। खासतौर पर ये रोग आयरन की कमी की वजह से होता है। इसके अलावा पार्किंसस और किडनी की बीमारी से पीड़ित मरीज और गर्भवती महिलाओं में हार्मोनल बदलाव इसके कारण हो सकते हैं। आयरन की कमी पूरी करने के लिए भोजन में आयरन से भरपूर चीजों को शामिल करें। 

राहत देंगे ये उपाय- 
वॉक-

अपनी इस आदत को रोकने के लिए वॉक का सहारा लें। जब कभी आपको लगें कि आप पैर हिला रहे हैं तो अपनी जगह से उठें और 5 मिनट वॉक लेकर आइए। इस सिंड्रोम से बाहर निकलने का आपका ये पहला कदम है।

नशीले पद्वार्थो से बना लें दूरी-
बीपी, हार्ट पेशेंट और डायबिटीज रोगियों के लिए ये रोग ज्यादा खतरनाक हो सकता है। ऐसे में इस रोग से बचाव के लिए अच्छी नींद लेने के साथ नशीले पदार्थों से भी दूरी बना लें। 

कोल्‍ड और हॉट बाथ-
पैर हिलाने की आदत से छुटकारा पाने के लिए आप आयरन की दवा लेने के साथ कोल्ड और हॉट बाथ का सहरा ले सकते हैं।  

कैफीन से बचें- 
आप रात को अच्‍छी नींद ले पाएं इसके लिए सोने से पहले चाय या कॉफी लेने की जगह एक्‍सरसाइज और योग में ध्यान लगाएं।

Back to top button