गाजा में रमजान से पहले युद्ध विराम की उम्मीदें धुंधली

गाजा में रमजान से पहले युद्धविराम व बंधकों की रिहाई की उम्मीदें अब धुंधली हो गई हैं। काहिरा में सोमवार से चल रही वार्ता से कोई समाधान नहीं निकल सका है। हमास की ओर से वार्ता में शामिल वार्ताकारों ने गुरुवार को काहिरा छोड़ने से पहले कहा कि अगले हफ्ते से वार्ता फिर शुरू होगी।

मिस्त्र की राजधानी काहिरा में अमेरिका, कतर व मिस्त्र, हमास के वार्ताकार मुस्लिमों के पवित्र महीने रमजान से पहले युद्धविराम को लेकर सहमति बनाने में जुटे थे। लेकिन इस वार्ता में इजरायल शामिल नहीं था, वह हमास से जीवित बंधकों की सूची सौंपने सहित कुछ मांगें कर रहा था। लेकिन, आश्वासन न मिलने से वह बैठक में शामिल नहीं हुआ। हालांकि, वार्ता की प्रगति की जानकारी उसे बराबर मिल रही थी।

छह हफ्ते के युद्धविराम के बदले 40 बंधकों की रिहाई पर सहमति

अमेरिका, मिस्त्र व कतर के मध्यस्थ कोशिश कर रहे थे कि छह हफ्ते के युद्धविराम के बदले 40 बंधकों की रिहाई पर सहमति बन जाए। मिस्त्र के मध्यस्तों ने कहा कि हमास पहले चरण के प्रस्ताव पर सहमत था, लेकिन आगे के लिए स्थायी युद्धविराम के लिए प्रतिबद्धता चाहता था। वहीं, इजरायल लगातार सार्वजनिक रूप से कह रहा है कि वह गाजा में पूर्ण लक्ष्य हासिल किए बिना युद्ध बंद करने वाला नहीं है। दूसरी ओर, चीन ने गुरुवार को फलस्तीन को संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता देने का फिर आह्वान किया है। इस बीच, बुधवार को दक्षिण अफ्रीका संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत में पहुंच गया, उसने इजरायल को गाजा पट्टी में सहायता देने के लिए अतिरिक्त आदेश देने की मांग की।

गाजा में मारे गए 250 आतंकी, अब तक 30,800 फलस्तीनियों की मौत

गाजा में इजरायली हमले जारी हैं। इजरायली बलों ने दावा किया है कि उसने खान यूनिस में 250 आतंकियों को मार गिराया है। सैनिकों ने हमाद टावर पर हमला कर हथियारों की फैक्ट्री पर छापे मारे हैं। दावा किया कि ये इन हथियारों से इजरायल पर हमला करने की तैयारी थी। वहीं, गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बीते 24 घंटों में 83 फलस्तीनियों की मौत हुई है और 142 लोग घायल हुए है। पिछले पांच महीने से अधिक समय से जारी जंग में अब तक 30,800 फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। युद्ध में 72,800 लोग घायल हुए हैं। उल्लेखीनय है कि पिछले साल सात अक्टूबर को हमास के हमले में 1200 से अधिक इजरायली मारे गए थे। 

Back to top button