इस शख्स के साथ रह रही थी हनीप्रीत, ‘बाबा’ को जेल में छोड़ आ गई थी यहां
जयपुर/उदयपुर। डेरा सच्चा सौदा के राम रहीम की कथित बेटी हनीप्रीत को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। हरियाणा पुलिस और उदयपुर की स्पेशल टीम ने यहां सेक्टर-14 नाकोड़ा नगर मेंं रहने वाले प्रदीप गोयल को गिरफ्तार कियाा है। प्रदीप ने पुलिस को बताया है कि राम रहीम को जेल में छोड़ने के बाद वो यहां आ गई थी। कुछ दिन उसके साथ रहने के बाद हनीप्रीत नेपाल चली गई। अभी इस बात का खुलासा नहीं हुआ है कि वो नेपाल कैसे और किसके साथ गई और उसके मददगार कौन लोग हैं।

– हरियाणा पुलिस प्रदीप को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। प्रदीप मूल रूप से हरियाणा का ही रहने वाला है, लेकिन लंबे समय से उदयपुर में रह रहा था।
– उदयपुर के सेक्टर-14 नाकोड़ा नगर में वह करीब दो साल से रह रहा था। पहले प्रदीप जिस घर में रहता था उसमें उसका मकान मालिक भी रहता था। लेकिन एक साल पहले ही प्रदीप की फैमिली ने नाकोड़ा नगर में ही एक इंडिपेंड घर में शिफ्ट किया था।
– फिलहाल प्रदीप के घर पर ताला लगा हुआ है। प्रदीप के पड़ोसियों के अनुसार प्रदीप यहां अपनी पत्नी और एक बेटी केे साथ रहता था।
-प्रदीप जब हरियाणा से जयपुर आया ताे उसने बिजनेस शुरू किया था, लेकिन उसमें घाटा लगने के बाद से उसने उदयपुर के पास झाड़ोल फिर से काम शुरु किया। पड़ोसियों को ये पता नहींं है कि वह क्या काम करता था। प्रदीप को परिवार पड़ोसियों से ज्यादा संपर्क में नहींं था।
और भी हो सकते है बड़े खुलासेे
– पुलिस ने प्रदीप के पास से एक मोबाइल भी जब्त किया है जिसमें राम रहीम और हनीप्रीत से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। हालांकि हरियाणा पुलिस को प्रदीप ने बताया है कि वह कुछ दिन पहले यहां से नेपाल जा चुकी है।
– राम रहीम को दुष्कर्म मामले में सीबीआई कोर्ट से सजा सुनाने के बाद सिरसा, पंचकुला अादि क्षेत्रों में दंगा भड़क गया था जिसमें 30 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार दंगों में राजस्थान से 15-20 बसें भी भरकर गई थी जिसमें से 2 बसें उदयपुर के झाड़ोल क्षेत्र की थीं।
– हरियाणा पुलिस को जानकारी मिली थी कि हनीप्रीत पिछले कई दिनों से उदयपुर में रह रही है। हरियाणा पुलिस को गत दिनों प्रदीप के साथ हनीप्रीत की सेलिब्रेशन मॉल में लोकेशन मिली थी। उदयपुर एडिशनल एसपी सुधीर जोशी ने बताया कि अहम जानकारियां मिलने के बाद हरियाणा की टीम यहां आई थी और दो दिन तक गुप्त ऑपरेशन चलाकर प्रदीप को पकड़ा लेकिन हनीप्रीत नहीं मिली।
25 हजार रुपए देने की लालच देकर दंगा भड़काने यहां से आदिवासियों को ले गया था
– पुलिस के अनुसार राम रहीम मामले की सुनवाई होने से पहले ही दंगा भड़कने की स्थिति तय थी। प्रदीप उदयपुर संभाग में राम रहीम के लिए भक्तों को जोड़ने का काम करता था। इस कारण राजस्थान से बसें ले जाने की जिम्मेदारी प्रदीप को दी गई थी।
– प्रदीप ने भीड़ इकट्ठी करने के लिए आदिवासी इलाकों को टार्गेट किया और उनको कहा था कि बाबा के आश्रम में जाने के बाद हर व्यक्ति को 25 हजार रुपए दिए जाएंगे। दंगा भड़कने से दो या तीन दिन पहले यहां से बसें हरियाणा के लिए रवाना हुई थी।





