पाकिस्तान: हिन्दू ही नहीं ईसाई भी नहीं है सुरक्षित

पाकिस्तान में अब आतंकी घटनाओ में हिन्दुओं के अलावा दूसरे समुदाय के लोगों को भी निशाना बनाया जा रहा है. पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिम बलूचिस्तान प्रांत में सोमवार को अंधाधुंध फायरिंग में रिक्शे में जा रहे चार ईसाइयों की मौत हो गई. किसी भी संगठन ने अब तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.

पुलिस के मुताबिक, क्वेटा में शाह जमान रोड पर रिक्शे पर जा रहे चार ईसाइयों पर बाइक सवार हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग की. इस हमले में चारों ईसाइयों की मौत हो गई जबकि एक नाबालिग लड़की घायल हो गई. फायरिंग करने के बाद हमलावर फरार हो गए. पुलिस को आशंका है कि यह हमला ईसाइयों को ही लक्ष्य बनाकर किया गया है. बता दें कि पाकिस्तान की 18 करोड़ की आबादी में ईसाई महज दो प्रतिशत हैं. उन पर अक्सर ईशनिंदा का आरोप लगाया जाता है. इसी कारण पिछले कुछ वर्षो में उन पर हमले की घटनाएं बढ़ी हैं.

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बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान में एक ईसाई व्यक्ति और उसकी गर्भवती पत्नी को जिंदा जला दिया गया था. लाहौर के बाहरी इलाके में नवंबर 2014 में ईशनिंदा का आरोप लगाकर घटना को अंजाम दिया गया था. ईसाई दंपती शहजाद मसीह और शमा कोट राधा किशन इलाके में ईंट भट्ठे के मजदूर थे. उन पर कुरान को अपवित्र करने का आरोप लगा कर करीब एक हजार लोगों की भीड़ ने हमला किया था. दंपती को बुरी तरह मारने-पीटने के बाद जलते भट्ठे में फेंक दिया गया था. स्थानीय मौलवी ने मस्जिद से घोषणा कर दंपति के खिलाफ भीड़ को भड़काया था.

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