जीएसटी: इन चीजों के दाम में आया इजाफा, खरीदने से पहले जाने टैक्स का ये सीधा फार्मूला

जीएसटी लागू हुआ, कई चीजों के दाम बढ़ गए। अब कुछ और चीजों की कीमतों में भी इजाफा हो गया है, जिस कारण एक निजी काम करना महंगा हो गया है।

जीएसटी: इन चीजों के दाम में आया इजाफा, खरीदने से पहले जाने टैक्स का ये सीधा फार्मूला

बात हो रही है शादी की। अबकी बार लग्न के सीजन में जीएसटी का ‘लगान’ चुकाना होगा। चाहे मैरिज पैलेस में शादी समारोह करें या होटल और रेस्टोरेंट में, शादियों पर महंगाई की मार पड़ना तय है। जीएसटी के बाद टैक्स का फार्मूला सीधा है। इसमें सर्विसेज में सबसे ज्यादा टैक्स बढ़ा है। जो अब 18 फीसदी हो चुका है। ऐसे में मैरिज लॉन, गेस्ट हाउस व बैंड बाजे, लाइट साउंड, हलवाई-कैटरर्स जैसे अन्य सर्विस प्रोवाइडर का जीएसटी के कारण रेट बढ़ गया है।

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होटल बुकिंग करवाने पर टैक्स का एक फीसदी का फर्क पड़ेगा। पहले टैक्स 17.5 और अब जीएसटी 18.5 है। यूं तो शादी के लिए लोग घरों की जगह मैरिज हॉल, होटल या गेस्ट हाउस का इस्तेमाल ज्यादा कर रहे हैं, लेकिन हाईप्रोफाइल शादियों में फाइव स्टार होटल में 28 फीसदी टैक्स है। शादी समारोह में शराब का इंतजाम रखने वालों को पहले छह फीसदी टैक्स देना होता था, जबकि अब साढ़े बारह फीसदी का टैक्स है।

शादी में लगाए जाने वाले टेंट के रेट्स पहले ही महंगाई की वजह से दस फीसदी बढ़ चुके हैं और अब जीएसटी के बाद टैक्स में भी तीन फीसदी की वृद्धि कर दी गई है। वहीं कैटरिंग सर्विसेज पर भी जीएसटी के साथ महंगाई का असर पड़ चुका है। पहले कैटरिंग में 12.50 फीसदी टैक्स था और अब यह बढ़कर 18 हो गया है। कपड़ों पर टैक्स की दर पांच फीसदी कर दी गई है, वहीं रेडीमेड गारमेंट पर टैक्स की दर 18 फीसदी है।

एक मार्केट विशेषज्ञ के अनुसार, बारातियों के स्वागत में जिन्होंने साढ़े पांच लाख रुपये तक का बजट बनाया है, उन्हें अब करीब 96 हजार रुपये जीएसटी देना होगा। जीएसटी का असर उस परिवार पर होगा, जिन्होंने लंबा पैकेज तैयार करके फेमस और जीएसटी में रजिस्टर्ड लान, गेस्ट हाउस, टेंट हाउस, लाइट-साउंड, हलवाई-कैटरर्स और डेकोरेशन वाले को बुक किया होगा। नॉन रजिस्टर्ड सर्विस प्रोवाइडर से सुविधा लेने वालों को यह टैक्स नहीं देना पड़ेगा।

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