GST हेल्पलाइन: दो हफ्ते में जवाब देने वालों की संख्या दोगुनी होगी

नई दिल्ली. जीएसटी नेटवर्क के हेल्पलाइन पर रोजाना 10,000 से ज्यादा कॉल आ रहे हैं। नेटवर्क पर पहली रिटर्न फाइलिंग सितंबर में होनी है। उम्मीद है कि तब और कॉल आएंगे। इसे देखते हुए जीएसटीएन इस कॉल सेंटर में एजेंटों की संख्या 400 करने जा रहा है। अभी यहां कारोबारियों के सवालों के जवाब देने के लिए करीब 200 लोग हैं। यह कॉल सेंटर 25 जून से काम कर रहा है। इसका हेल्पलाइन नंबर 0120-4888999 है। जीएसटीएन एक्सपर्ट जवाब देते हैं…
GST हेल्पलाइन: दो हफ्ते में जवाब देने वालों की संख्या दोगुनी होगी
– जीएसटीएन चेयरमैन नवीन कुमार ने बताया कि कारोबारियों के सवाल रजिस्ट्रेशन के तरीके से लेकर पासवर्ड भूलने तक, हर तरह के होते हैं।
– उन्होंने बताया कि नए एजेंटों की नियुक्ति दो हफ्ते में हो जाएगी। ये किसी सवाल का जवाब नहीं दे पाते हैं तो सवाल सुपरवाइजर को भेजा जाता है। ज्यादा जटिल होने पर जीएसटीएन एक्सपर्ट जवाब देते हैं।
– कुमार ने बताया कि ऐसे एजेंट नियुक्त किए जा रहे हैं जो टैक्स के साथ टेक्नोलॉजी की भी समझ रखते हैं। इनके पास फाइनेंस या टैक्स सर्टिफिकेशन की डिग्री होती है। उन्हें जीएसटी कानून के बारे में ट्रेनिंग दी जाती है।
 
अनरजिस्टर्ड कारोबारी को सामान बेचने या उससे खरीदने पर कोई पाबंदी नहीं
– भास्कर के हेल्पलाइन नंबर 7030001040 पर आम लोगों और कारोबारियों की तरफ से कुछ खास तरह के सवाल बड़ी संख्या में मिल रहे हैं। यहां उन सवालों के जवाब एक साथ दिए जा रहे हैं।
 
Q. कारोबारी के पास जीएसटी नंबर नहीं है, तो डीलर उसे सामान नहीं बेच रहे। ऐसी कोई पाबंदी है?
A.कोई पाबंदी नहीं। लेकिन अनरजिस्टर्ड व्यक्ति 50,000 रुपए या इससे ज्यादा का सामान खरीदता है तो इनवॉयस पर उसका नाम, पता, डिलीवरी की जगह, राज्य का नाम और कोड भी होेगा।
Q. बिना जीएसटीआईएन के सामान खरीदने पर कोई नियम है?
A. विक्रेता उसके नाम इनवॉयस जारी करेगा। इसकी एक प्रति ट्रांसपोर्टर के पास होगी। राज्यों के चेकपोस्ट खत्म हो चुके हैं, इसलिए वहां चेकिंग नहीं होनी है।
Q. बिना रजिस्ट्रेशन के कोई बिजनेस कैसे कर सकता है?
A. जीएसटी कानून के तहत रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं है तो उस पर जीएसटी कानून के प्रावधान लागू नहीं होंगे।
Q. रजिस्टर्ड कारोबारी अनरजिस्टर्ड से सामान खरीदता है तो क्या रजिस्टर्ड को टैक्स चुकाना होगा?
A. हां। उसे रिवर्स चार्ज में टैक्स चुकाना पड़ेगा। उसे इसका क्रेडिट मिलेगा। इसमें छूट का भी प्रावधान है। रोजाना 5,000 रु. तक की ऐसी खरीद पर रिवर्स चार्ज का नियम लागू नहीं होगा। खरीद इससे ज्यादा है तो पूरी खरीद पर टैक्स लगेगा।

Q. जीएसटी में रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं, फिर भी करवाया तो ग्राहक से जीएसटी चार्ज करना पड़ेगा?
A.रजिस्ट्रेशन कराने पर कारोबारी को ग्राहक से जीएसटी लेना पड़ेगा और रिटर्न भी फाइल करना होगा।
Q. अभी कारोबार 20 लाख से कम है, साल के दौरान ज्यादा हुआ तो?
A.जिस तारीख को कारोबार 20 लाख से ज्यादा होगा, रजिस्ट्रेशन के लिए उसके 30 दिन में आवेदन करना होगा।
Q. सरकार रजिस्ट्रेशन के लिए कोई फीस ले रही है?
A. नहीं, पर सीए कारोबारी से अपनी फीस लेने को स्वतंत्र हैं।
Q. कारोबारी टैक्सेबल और छूट वाली, दोनों वस्तुएं बेच रहा तो 20 लाख की सीमा कैसे तय होगी?
A. दोनों की बिक्री जोड़ी जाएगी। यानी एक पैन पर जितना कारोबार हो रहा है सारा। कोई सिर्फ छूट वाली वस्तुओं/सेवाओं के बिजनेस में है तो उसके लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं। भले ही बिजनेस 20 लाख से ज्यादा हो या वह दूसरे राज्यों में सप्लाई कर रहा हो।
Q .कैश बिक्री की कोई सीमा है?
A.नहीं। जीएसटी में कैश बिक्री की कोई सीमा नहीं रखी गई है।
Q. जो वैट, एक्साइज या सर्विस टैक्स में रजिस्टर्ड था वह क्या करे?
A.जीएसटी में माइग्रेट करना पड़ेगा। वह रजिस्ट्रेशन से छूट की श्रेणी में आता है तो बाद में अपना रजिस्ट्रेशन कैंसिल करवा सकता है। हालांकि यह विकल्प अभी एक्टिवेट नहीं हुआ है।
Q. क्या एमआरपी के ऊपर जीएसटी लगेगा?
A.नहीं। एमआरपी में सभी टैक्स और मार्जिन शामिल होते हैं। कोई दुकानदार ग्राहक से एमआरपी से अधिक पैसे नहीं ले सकता है।
 
प्रसाद पर कोई टैक्स नहीं लगेगा
– सरकार ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक संस्थानों के अन्न क्षेत्र में वितरित होने वाले भोजन और प्रसाद पर जीएसटी नहीं है।
– मीडिया में इन पर टैक्स की खबरों के बाद वित्त मंत्रालय ने यह स्पष्टीकरण जारी किया है। हालांकि, प्रसाद या भोजन बनाने में इस्तेमाल होने वाली चीजों जैसे चीनी, खाद्य तेल, घी, मक्खन, इनकी ढुलाई पर टैक्स है।
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