HC: पूरे प्रदेश में पाक विस्थापितों को नागरिकता के लिए सरकार शिड्यूल बनाए
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जोधपुर. पाक विस्थापित हिंदुओं को नागरिकता देने के लिए जिला प्रशासन के स्तर पर तैयार किए शैड्यूल के अनुसार बुधवार से नागरिकता देने का काम शुरू हो जाएगा। यह कार्यक्रम तीन अलग-अलग चरणों में चलेगा। शिड्यूल की एक प्रति मंगलवार को राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश गोविंद माथुर व विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ के समक्ष पेश की। नागरिकता के संबंध में जिला प्रशासन पर किए गए प्रयासों की न्याय मित्र कमल जोशी ने भी सराहना की, लेकिन कुछ छोटे मुद्दे छूट जाने पर भी ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि गृह सचिव के साथ मुख्य बैठक हुई थी, उसमें उन्हें और कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रतिनिधियों को नहीं बुलाया गया था। इस पर कोर्ट ने कलेक्टर को फिर से जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सभी मुद्दे सुलझाने के लिए कहा है। अगली सुनवाई 18 सितंबर को मुकर्रर की है।
न्याय मित्र ने कोर्ट को बताया कि जहां पाक विस्थापित अस्थाई तौर पर रह रहे हैं, वहां स्ट्रीट लाइट सहित अन्य सुविधाएं नहीं हैं। बिजली कनेक्शन देने के लिए डिस्कॉम को निर्देश दिए थे, लेकिन डिस्कॉम ने जवाब में कहा कि निश्चित निवास के अभाव में बिजली कनेक्शन देना संभव नहीं होगा। इसके अलावा कलेक्टर ने एक सर्वे करने का कहा है, किन-किन के पास बिजली कनेक्शन है। उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि पाक विस्थापितों के लिए चौखा में जमीन आवंटन का प्रस्ताव लंबित है, जिस पर कोई निर्णय नहीं किया गया।न्याय मित्र जोशी ने यह भी बताया कि कोर्ट के निर्देश पर दो प्रतिनिधियों के नाम एएजी को दे दिए थे, लेकिन गृह सचिव के साथ हुई बैठक में न तो उन्हें बुलाया गया और न ही प्रतिनिधि को बुलाया गया। इस वजह से कई महत्वपूर्ण मुद्दे छूट गए और उन पर चर्चा नहीं हो पाई। इस पर कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मौजूद एडीएम सिटी सीमा कविया को पूछा कि प्रतिनिधियों को बैठक में क्यों नहीं बुलाया? उन्होंने बताया कि पहले दिन वाली बैठक में नहीं बुलाया गया, लेकिन दूसरे दिन ही बैठक में प्रतिनिधि को बुलाया गया। कोर्ट ने इस पर कलेक्टर को निर्देश दिए गए कि प्रतिनिधियों व न्याय मित्र के साथ एक और बैठक करके इन मुद्दों पर भी चर्चा करें। साथ ही प्रतिनिधियों को अपने सुझाव व ग्रीवेंस पेश करने के लिए कहा है।
जोशी ने कोर्ट से आग्रह किया कि जिस तरह जोधपुर में रह रहे विस्थापितों को नागरिकता देने का शिड्यूल प्लान बनाया है, उसी तरह पूरे प्रदेश में रहने वाले पाक विस्थापितों के लिए भी ऐसा शिड्यूल बनाकर नागरिकता देने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें। सुनवाई के दौरान एएजी कांतिलाल ठाकुर, अधिवक्ता ऋषभ तायल, सीआईडी एसपी श्वेता धनकड़ भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि कोर्ट ने भास्कर में प्रकाशित समाचार पर स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज की थी। कोर्ट ने गत सुनवाई पर पाक विस्थापितों की नागरिकता के लंबित प्रार्थना पत्रों एवं वीजा अवधि बढ़ाने के प्रार्थना पत्रों का 45 दिन में निस्तारण करने के अंतरिम आदेश दिए थे।





