अब नए नियम के साथ होगी सरकारी भर्ती, मिलेंगे बड़े फायदे

सरकारी नौकरी में भर्ती के लिए एक नया नियम बनाया गया है। अगर आप भी आवेदन करने की सोच रहे हैं तो जरूर जान लें, आपके बड़े फायदे का है।
दरअसल हरियाणा सरकार भर्ती प्रक्रिया को और ज्यादा पारदर्शी बनाने को लेकर गंभीर है, ताकि योग्य आवेदक ही चयनित हो सके। इसलिए हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (एचपीएससी) ने निर्णय लिया है कि सरकारी नौकरियों के लिए ली जाने वाली परीक्षा के तीन दिन बाद ही उसकी आंसर की सार्वजनिक रूप से ऑनलाइन अपलोड कर दी जाएगी। ताकि परीक्षार्थी इस आंसर-की का अवलोकन करने के बाद अपनी हर प्रकार की शंका और आपत्तियों को को दूर कर लें।एचपीएससी द्वारा इस व्यवस्था को लागू कर दिया गया है, जबकि पहले हरियाणा में ऐसा नहीं होता था। एचपीएससी के चेयरमैन मनबीर सिंह भडाना के अनुसार, हरियाणा के प्रथम और द्वितीय श्रेणी के पदों के लिए नई भर्ती करने की जिम्मेवारी एचपीएससी की होती है। इसके लिए एचपीएससी द्वारा अपनाई जा रही भर्ती प्रक्रिया पहले भी पारदर्शी थी, लेकिन अब इसे और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसके चलते उक्त व्यवस्था की गई है।
एक्सपर्ट पैनल निपटाएगा परीक्षार्थियों की आपत्तियां
एचपीएससी द्वारा की गई व्यवस्था के तहत परीक्षा के तीन दिन बाद ही आंसर-की को सार्वजनिक रूप से ऑनलाइन अपलोड कर दिया जाएगा। उसके बाद परीक्षार्थी इस आंसर-की से खुद के द्वारा दिए गए उत्तरों की जांच करेंगे। यदि परीक्षार्थियों को लगता कि उत्तर पुस्तिका में दिए गए प्रश्नों का उत्तर में कोई गलती है, प्रश्न पूछने के तरीके में कोई त्रुटि है या फिर अन्य किसी प्रकार की त्रुटि है तो परीक्षार्थी ऑनलाइन ही अपनी आपत्ति दर्ज करवाएगा।
एचपीएससी द्वारा की गई व्यवस्था के तहत परीक्षा के तीन दिन बाद ही आंसर-की को सार्वजनिक रूप से ऑनलाइन अपलोड कर दिया जाएगा। उसके बाद परीक्षार्थी इस आंसर-की से खुद के द्वारा दिए गए उत्तरों की जांच करेंगे। यदि परीक्षार्थियों को लगता कि उत्तर पुस्तिका में दिए गए प्रश्नों का उत्तर में कोई गलती है, प्रश्न पूछने के तरीके में कोई त्रुटि है या फिर अन्य किसी प्रकार की त्रुटि है तो परीक्षार्थी ऑनलाइन ही अपनी आपत्ति दर्ज करवाएगा।
उसके बाद इन आपत्तियों को एचपीएससी द्वारा एक्सपर्ट पैनल के पास भेजा जाएगा। वे इन आपत्तियों को दूर करे, अपनी रिपोर्ट एचपीएससी को देंगे। इन सभी आपत्तियों के दूर होने के बाद ही एचपीएससी संबंधित परीक्षा का परिणाम घोषित करेगा।
अदालती केस भी कम होंगे
एक्सपर्ट पैनल द्वारा आपत्तियों के निपटाने के बाद एचपीएससी काफी अदालती केसों से बच जाएगा। क्योंकि अमूमन परीक्षार्थी अपनी परीक्षा संबंधी आपत्तियों को लेकर ही अदालतों में केस डालते हैं। जो लंबे समय तक चलते हैं और कई बार तो इसी चक्कर में संबंधित परीक्षा का परिणाम भी प्रभावित होता है। लेकिन आपत्तियाें के पहले ही निपट जाने केबाद निसंदेह एचपीएससी को अदालती केसों के पचड़ों से भी राहत मिलेगी।
एक्सपर्ट पैनल द्वारा आपत्तियों के निपटाने के बाद एचपीएससी काफी अदालती केसों से बच जाएगा। क्योंकि अमूमन परीक्षार्थी अपनी परीक्षा संबंधी आपत्तियों को लेकर ही अदालतों में केस डालते हैं। जो लंबे समय तक चलते हैं और कई बार तो इसी चक्कर में संबंधित परीक्षा का परिणाम भी प्रभावित होता है। लेकिन आपत्तियाें के पहले ही निपट जाने केबाद निसंदेह एचपीएससी को अदालती केसों के पचड़ों से भी राहत मिलेगी।





