वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली के तहत शुरू की गई ई-वे बिल प्रणाली रविवार से देशभर में लागू हो गई है. फिलहाल ई-वे बिल प्रणाली को 50,000 रुपये से अधिक के सामान को सड़क, रेल, वायु या जलमार्ग से एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जाने पर लागू किया गया है.

वित्त सचिव हसमुख अधिया ने घोषणा की कि अगले दो हफ्तों में इसे राज्यों के भीतर भी माल की ढुलाई के लिए लागू कर दिया जाएगा. जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) के मुख्य कार्यकारी प्रकाश कुमार ने कहा कि करीब 11 लाख व्यवसायों और ट्रांस्पोर्टरों ने ई-वे बिल प्लैटफॉर्म पर पंजीकरण कराया है.

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वित्त मंत्रालय ने शनिवार को स्पष्ट किया कि यह उन मामलों में भी लागू होगा जहां यात्रा रुक-रुक कर पूरी होगी तथा माल ढुलाई में एक से अधिक ट्रांसपोर्टर शामिल होंगे. पहले जीएसटी परिषद द्वारा जीएसटी नेटवर्क में शुरुआती तकनीकी खामियों के कारण ई-वे बिल बनाने में व्यापारियों द्वारा सामने आने वाली कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए अंतर्राज्यीय ढुलाई और राज्य के भीतर ढुलाई दोनों के लिए ई-वे बिल तैयार करने के लिए परीक्षण चरण का विस्तार करने का फैसला किया गया था.

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी की अध्यक्षता में मंत्रियों के समूह ने फरवरी में हुई अपनी बैठक में अंतरराज्यीय माल ढुलाई के लिए ई-वे बिल प्रणाली के अनिवार्य क्रियान्वयन की तिथि 1 अप्रैल रखने की सिफारिश की थी.