गणाधिप संकष्टी चतुर्थी 2023: नवंबर में इस दिन मनाई जाएगी गणाधिप संकष्टी चतुर्थी

हिंदू मान्यताओं के अनुसार गणेश जी पूजा से सारे काम बिना किसी बाधा के पूरे होते हैं। प्रत्येक माह की चतुर्थी तिथि गणेश जी की पूजा के लिए समर्पित मानी जाती है। मार्गशीर्ष का महीना 28 नवंबर से शुरू हो रहा है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस माह में गणाधिप संकष्टी चतुर्थी कब मनाई जाएगी।

मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणाधिप संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है। कई साधक इस विशेष दिन पर व्रत भी करते हैं। माना जाता है कि इस तिथि पर जो साधक चतुर्थी तिथि पर गणेश जी की विधि-विधान के साथ पूजा और व्रत करता है, उसके जीवन में आ रहे सभी प्रकार के दुख-दर्द दूर होते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं गणाधिप संकष्टी चतुर्थी की तिथि और शुभ मुहूर्त।

गणाधिप संकष्टी चतुर्थी मुहूर्त
कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 30 नवंबर, दोपहर 02 बजकर 24 मिनट से शुरू हो रही है, जो 01 दिसंबर दोपहर 03 बजकर 31 पर समाप्त होगी। ऐसे में गणाधिप संकष्टी चतुर्थी का व्रत 30 नवंबर को किया जाएगा। इस दिन शाम के समय चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। ऐसे में चन्द्रोदय शाम 07 बजकर 54 मिनट पर होगा।

पूजा विधि

गणाधिप संकष्टी चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठें। स्नान आदि से निवृत होने के बाद गणेश जी का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। इस दिन लाल रंग के वस्त्र धारण करना लाभदायक माना जाता है। अब पूजा स्थल की सफाई करने के बाद एक चौकी पर कपड़ा बिछाकर गणेश जी मूर्ति स्थापित कर लें।

ध्यान रहे कि पूजा करते समय अपना मुख उत्तर की ओर होना चाहिए। इसके बाद गणेश जी को पुष्प, गंध और दीप अर्पित करें। भोग के रूप में आप गणेश जी को प्रिय मोदक या तिल का लड्डूओं का भोग लगा सकते हैं। संध्या के समय चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपना व्रत पूरा करें।

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