राम रहीम के फैसले के बाद मालवा के 8 लोगों की मौत, मरने वालों में दो संगरूर के
लुधियना। डेराप्रमुख पर फैसले के बाद हुई हिंसा में मालवा के 8 लोगों की मौत हो गई जबकि 7 जख्मी हैं। मरने वालों का संबंध बठिंडा के रामामंडी, संगरूर के लहरागागा, बरनाला, फरीदकोट, मुक्तसर के गिद्दड़बाहा पटियाला के पातड़ां से है। रामामंडी के गांव बंगी निहाल सिंह के डेरा प्रेमी हरि सिंह की पंचकूला में हिंसा के दौरान गोली लगने से मौत हो गई जबकि इसी गांव के महाशा सिंह आैर कृष्ण सिंह गोली लगने से पीजीआई में दाखिल हैं।

संगरूर के लहरागागा के दो डेरा प्रेमियों उग्रसेन (डूडियां गांव) आैर रणजीत सिंह वार्ड नंबर 9 की गोली लगने से मौत हुई है, यहीं का एक अन्य डेरा प्रेमी गोविंद राम जख्मी है। गिद्दड़बाहा से बुआ के साथ पंचकूला गए 15 साल के लवप्रीत सिंह की भी गोली लगने से मौत हो गई। मुक्तसर के ही गांव अबुल खुराना के गुरप्यार सहित दो अन्य लोगों की मौत हुई है जिनकी अभी पहचान नहीं हो पाई है जबकि चक्क मदरसा का तरसेम जख्मी है। बरनाला के गांव बडवर के रहने वाले जगरूर सिंह की पंचकूला में हिंसा के दौरान जख्मी होने के बाद मौत हो गई। फरीदकोट को तीन लोग जख्मी हैं। जिनकी पहचान कोटकपूरा के प्रेम नगर निवासी संदीप कुमार, मुकुंद निवासी सुरधूरी आैर शारजा सिंह निवासी दल सिंह वाला के तौर पर हुई है। पातड़ां के कस्बा घग्गा निवासी डेरा प्रेमी गुरपाल सिंह की मौत हो गई। जबकि दो डेरा प्रेमी जख्मी हो गए। जिनकी पहचान गांव कलवानू के गुरनाम सिंह और हरियाऊ कलां के नरेश कुमार के रूप में हुई है।
गुरपाल (पातड़ां)
अंग्रेज कौर (फरीदकोट)
उग्रसेन (लहरागागा)
जगरूप सिंह (बरनाला)
हरि सिंह (रामामंडी)
रणजीत (लहरागागा)
अंग्रेज कौर (फरीदकोट)
उग्रसेन (लहरागागा)
जगरूप सिंह (बरनाला)
हरि सिंह (रामामंडी)
रणजीत (लहरागागा)





