राजस्थान: गाने की फरमाइश पूरी न कर सका फोक सिंगर, तो पीट-पीटकर ले ली जान

पोकरण.देश में इन दिनों भोपों द्वारा कभी किसी को डायन बताकर तो किसी पर माता का प्रकोप बताकर घटना को अंजाम दिया जा रहा है। ऐसा ही एक केस पोकरण क्षेत्र के दांतल गांव में भी घटित हुआ। जहां भोपे ने जागरण करने आए लोककलाकार आमद खां को महज इस कारण मौत के घाट उतार दिया क्योंकि वह भोपे में देवी के प्रवेश करने वाली धुन को नहीं बजा सका था। परचा मिलने वाली धुन को नहीं बजाने के कारण भोपे ने न सिर्फ उस व्यक्ति को मौत के घाट उतार दिया बल्कि उसके परिवार के सदस्यों को भी इस संबंध में किसी से बात करने पर जान से मारने की धमकी दी।
राजस्थान: गाने की फरमाइश पूरी न कर सका फोक सिंगर, तो पीट-पीटकर ले ली जान

सामाजिक दबाव के कारण चार दिनों तक नहीं बोले

– दांतल क्षेत्र में स्थित देवी के मंदिर में सप्तमी के अवसर पर भोपे रमेशराम सुथार तथा उसके अन्य दोनों भाइयों ने आमद खां को जागरण में भजन गाने के लिए बुलाया था। वहीं भोपे रमेश कुमार ने उसे देवी के गुणगान करने वाले भजन तथा राग गाने की फरमाइश रखी। जिसे वह पूरा नहीं कर पाया। जिस पर रमेश कुमार सुथार ने उसके साथ लड़ाई झगड़ा किया।
– तीनों भाइयों ने एक राय होकर उसके साथ मारपीट की। जिस पर वह जागरण को छोड़कर घर की ओर चल दिया। लेकिन रमेश सुथार ने अपने दो भाइयों के साथ उसे रास्ते में रोककर मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई।

मृतक के चाचेरे भाई के घर पर छोड़ा शव

मृतक के चचेरे भाई बरियम खां ने बताया कि रात्रि के समय भोपा रमेश तथा उसके दोनों भाई श्यामलाल तथा ताराराम अपनी स्कोर्पियो गाड़ी में सवार होकर उसके घर आए और उसके भाई अहमद खां के शव को गाड़ी से उतारने के लिए कहा। उसके द्वारा मना करने पर उन्होंने बरियम खां को जान से मारने की धमकी भी दी। जिस पर उसने अपने भाई अहमद खां के शव को उतारा तथा शव उसके परिजनों को सौंप दिया।

फलसूंड थाने में चार दिन बाद दर्ज हुआ हत्या का मामला

– 27 सितंबर की रात्रि को हुई इस घटना के बाद 28 सितंबर को परिवारजनों ने अहमद खां के शव को दफना दिया। वहीं चार दिनों तक समाज के मौजीज लोगों द्वारा परिवार के सदस्यों को लगातार न्याय का आश्वासन दिया गया। लेकिन जब इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार के सदस्यों ने सोमवार को फलसूंड पुलिस थाना पहुंचकर मुकदमा दर्ज करवाया।
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