#पंजाब: पिता की सरेआम की थी 6 गोली मारकर हत्या, बेटी संग फैमिली का हुआ ऐसा हाल

अमृतसर.हिंदू संघर्ष सेना के जिला प्रधान विपिन कुमार शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस ने कुछ लोगों को राउंडअप किया है, लेकिन असली आरोपियों को अभी भी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। दूसरी तरफ इस पूरे घटनाक्रम से गुस्साए हिंदू संगठनों की बंद की काल पर पूरा शहर वीरान पड़ा रहा। सुबह से ही हिंदू संगठनों इकट्ठे होकर हाल गेट, लारेंस रोड, क्वींस रोड व शहर के अन्य इलाकों में जाकर दुकानें बंद करवा दी। किसी भी तरह कोई हिंसक घटना न हो, इसके लिए पुलिस की ओर से भी चप्पे-चप्पे पर भारी फोर्स तैनात कर रखी थी। 

#पंजाब: पिता की सरेआम की थी 6 गोली मारकर हत्या, बेटी संग फैमिली का हुआ ऐसा हाल

लोग लाश को पुल पर रख कर बैठे रहे…

– जब 4 बजे तक पुलिस प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों की मांगों को नहीं माना गया तो वे रेल ट्रैक पर बैठ गए। उन्हाकैबिनेट मंत्री सिद्धू और विधायक सुनीत दत्ती के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि चुनाव में विपिन ने दोनों नेताओं के लिए वोट मांगे थे, लेकिन दोनों नेताओं ने आज उनके पास आकर बैठने की जरूरत नहीं समझी।

– शाम पौने छह बजे एसएसपी देहाती परमपाल सिंह को बुलाया गया। परमपाल सिंह ने धरने पर बैठे हिंदू संगठनों के साथ बात की और कुछ ही समय के बाद धरना खत्म करवा दिया।

– विपिन शर्मा की अंतिम यात्रा में शहर के विभिन्न हिस्सों से सैकड़ों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर कोई अपनी-अपनी दुकान को बंद करके उनकी आत्मिक शांति के लिए अरदास करते दिखा।

पुलिस दो थ्यूरियों पर कर रही जांच

पहली थ्यूरी

विपन हिंदू नेता था और ब्लू स्टार की बरसी के दौरान उसने आतंकवाद का पुतला भी फूंका था। जिसकी फोटो फेसबुक पर वायरल हुई थी। ऐसे में हो सकता है कि रेडिकल ग्रुप ने गैंगस्टरों को फिरौती देकर विपन की हत्या करवाई हो क्योंकि गैंगस्टर मिंटा के खिलाफ फिरौती लेकर हत्या करना, किडनैपिंग जैसी कई वारदात के तहत केस दर्ज है। वह भिखी विंड का रहने वाला है और गैंगस्टर जग्गू व बाबी मल्होत्रा का साथी है।

दूसरी थ्यूररी 

विपन केबल का काम करता था और उसका साथी मोनू का लाटरी का काम है। केबल-लाटरी का काम चलाने वाले लगभग सभी लोग गैंगस्टरों को भी पैसे देते हैं। ऐसे में पुलिस के खुफिया विंग को शक है कि हो सकता को विपन गैंगस्टरों को पैसा न देता हो। इस कारण वे उसे मारना चाहते थे। अधिकारियों का यही कहना है कि जब तक कोई भी आरोपी पकड़ा नहीं जाता। तब तक कुछ भी कह पाना मुश्किल है कि आखिर कार हत्या के पीछे असली कारण क्या रहे है।

पुलिस ने किया मामला शांत

– पुलिस ने मंगलवार सुबह करीब 11 बजे विपिन की लाश का पोस्टमार्टम कर शव परिवार को सौंप दिया था, मगर परिवार और रिश्तेदारों ने लाश को भंडारी पुल पर रख कर जाम लगा दिया। 

– दोपहर 12.30 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक हिंदू संगठन और अन्य लोग लाश को पुल पर रख कर बैठे रहे। सभी ने सड़क और रेल दोनों ही जाम कर दिए। इतना ही नहीं ट्रेन पर पत्थर भी बरसाए, जिससे इंजन का शीशा टूट गया। हिंदू संगठनों की डिमांड था कि विपिन के परिवार के दो सदस्यों को नौकरी और 25 लाख रुपए मुआवजा दिया जाए। हालांकि पुलिस एक नौकरी और 5 लाख रुपए तक के मुआवजे के लिए तैयार था, मगर सिटी पुलिस शाम पौने छह बजे तक जाम खुलवाने में असफल रही तो एसएसपी देहाती परमपाल सिंह को बुलाया गया।

– परमपाल सिंह ने धरने पर बैठे हिंदू संगठनों के साथ बात की और कुछ ही समय के बाद धरना खत्म करवा दिया और लाश का अंतिम संस्कार करवाया गया। परमपाल सिंह ने परिवार और हिंदू संगठनों की डिमांड को सरकार तक पहुंचाने और इसे पूरे करवाने का आश्वासन देकर सड़क व रेल मार्ग को बहाल करवाया।

– पुलिस कमिश्नर ने कहा कि सरकार की पालिसी के मुताबिक पांच लाख रुपए मुआवजा और एक नौकरी देने का प्रावधान है, लेकिन परिवार की ओर से ज्यादा की डिमांड की जा रही थी। उनकी डिमांड को सरकार के समक्ष रखा जाएगा। धरना खुलवाने के बाद रेल और सड़क को बहाल करवा दिया है और लोग अपनी दुकानें भी खोल सकते हैं।

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पत्थरबाजी के बाद टाटा-मूरी की पावर फेल, डेढ़ घंटे देरी से गई

-प्रदर्शनकारियों की तरफ से की गई पत्थरबाजी के कारण टाटा मूरी एक्सप्रेस के इंजन की खिड़की पर लगे शीशे टूट गए, जिस कारण इंजन की पावर फेल हो गई। यानी वह अनसेफ हो चुकी थी।

– ड्राइवर अशोक कुमार का कहना था कि इस ट्रेन को वापस स्टेशन पर लेकर जाएंगे, क्योंकि शीशे जो टूट चुके है वह उनकी आंखों में पड़ सकते है, इसलिए अब दूसरा इंजन लगाया जाएगा, जिसके बाद ट्रेन रवाना की जाएगी।

– करीब 5.50 बजे ट्रैक खाली हुआ। स्टेशन सुपरिटेंडेंट आलोक कुमार का कहना था कि सबसे पहले नई दिल्ली शताब्दी को एक घंटे की देरी से शाम 5.55 पर रवाना किया गया।

– इसके बाद टाटा मूरी एक्सप्रेस, फिर छत्तीसगढ़, दिल्ली पठानकोट ट्रेनों को रवाना कर दिया गया।

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