फतेहगढ़ साहिब: बिना लेबल छह लाख इंजेक्शन बरामद

फतेहगढ़ साहिब पुलिस आरोपियों से 3.24 लाख टैबलेट, कैप्सूल, इंजेक्शन व शीशियों सहित 2.20 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद कर चुकी है। पुलिस ने मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार पांच अन्य आरोपियों की पहचान मोहम्मद अरबाज, मोहम्मद सलमान, मोहम्मद शाहबेज, राकेश कुमार और घनश्याम शर्मा के रूप में हुई है।
पंजाब पुलिस ने एक फार्मा ओपिओइड (दवाइयों में प्रयोग होने वाले नशीले पदार्थ) बनाने वाली कंपनी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दिल्ली व हरियाणा में स्थित फार्मा इकाइयों से अवैध ओपिओइड निर्माण और आपूर्ति के एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने साझा की है।
यह ऑपरेशन फतेहगढ़ साहिब पुलिस ने हरियाणा के अंबाला से गिरफ्तार ड्रग तस्कर गौरव सिंह उर्फ काला से पूछताछ के बाद चलाया। इस मामले में तीन माह चली लंबी जांच के बाद यह कार्रवाई की गई। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि सप्लायर की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच करते हुए फतेहगढ़ साहिब पुलिस टीम ने दिल्ली स्थित अवैध फार्मा निर्माता सुमित अग्रवाल को गिरफ्तार किया, जो पैक्सन्स फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड का मालिक है और दिल्ली के रोहिणी व हरियाणा के बहादुरगढ़ में इकाइयां हैं।
उन्होंने कहा कि सीआईए फतेहगढ़ साहिब और दो ड्रग इंस्पेक्टरों की एक टीम ने स्थानीय ड्रग इंस्पेक्टर की मौजूदगी में गांव बहादुरगढ़ में फार्मा फैक्टरी पर छापा मारा और लगभग छह लाख बिना लेबल वाले टीकों समेत कई अवैध व्यापारिक लेनदेन वाले दस्तावेज बरामद किए। इस मामले में फतेहगढ़ साहिब पुलिस आरोपियों से 3.24 लाख टैबलेट, कैप्सूल, इंजेक्शन व शीशियों सहित 2.20 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद कर चुकी है। पुलिस ने मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार पांच अन्य आरोपियों की पहचान मोहम्मद अरबाज, मोहम्मद सलमान, मोहम्मद शाहबेज, राकेश कुमार और घनश्याम शर्मा के रूप में हुई है।
आगरा से होता था नशीले पदार्थों का कारोबार: आईजी भुल्लर
इस मामले में आईजी रोपड़ रेंज गुरप्रीत सिंह भुल्लर, एसएसपी फतेहगढ़ साहिब डॉ. रवजोत गरेवाल ने मीडिया को बताया कि आरोपी गौरव सिंह की गिरफ्तारी के बाद, फतेहगढ़ साहिब पुलिस ने अवैध केमिस्टो, फार्मेसियों, गोदामों पर छापा मारा, जिसके माध्यम से मोहम्मद अरबाज, मोहम्मद सलमान और मोहम्मद शाहबेज सहित अन्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया। इन तीनों से पूछताछ में पता चला कि ये आगरा से ड्रग्स खरीद रहे थे। इसके बाद पुलिस टीमों ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसकी पहचान राकेश कुमार के रूप में हुई है, जिसका आगरा में अवैध दवा का गोदाम है।
थोक विक्रेता है आरोपी घनश्याम
आईजी ने कहा कि गिरफ्तार आरोपी राकेश ने खुलासा किया कि वह गाजियाबाद के लोनी के एक व्यक्ति के संपर्क में था, जिसकी पहचान घनश्याम शर्मा के रूप में हुई है, जो नशीले पदार्थों का थोक विक्रेता है। उन्होंने आगे कहा कि घनश्याम को 2 नवंबर 2023 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद दवा निर्माता सुमित अग्रवाल की गिरफ्तारी हुई। इस संबंध में एफआईआर 12 अगस्त, 2023 को मुलेपुर फतेहगढ़ साहिब पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 22सी के तहत केस दर्ज किया गया है।





