पंजाब में महंगी हुई बिजली: मुफ्त वाली 300 यूनिट बिजली के दाम बढ़े

पंजाब सरकार लोगों को 600 यूनिट बिजली मुफ्त दे रही है। ऐसे में पावरकॉम का घाटा बढ़ रहा है। बिजली नियामक आयोग को भेजी सालाना रिपोर्ट में पावरकॉम ने बिजली की दरों में 11 प्रतिशत वृद्धि की मांग की थी।

पंजाब में शुक्रवार को घरेलू और औद्योगिक बिजली के दाम बढ़ाने की घोषणा की गई। नए दाम 16 जून से लागू हो जाएंगे, लेकिन सरकार ने जनता को बड़ी राहत दी है। सरकार ने सिर्फ उन 300 यूनिट को 10-12 पैसे प्रति यूनिट महंगा किया है जो सरकार जनता को मुफ्त दे रही है। यानी जनता पर इसका बोझ नहीं पड़ेगा। इस बोझ को राज्य सरकार खुद वहन करेगी। 

300 से ऊपर की यूनिट के रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहीं औद्योगिक क्षेत्र की बिजली 15 पैसे प्रति यूनिट महंगी की गई है। पंजाब स्टेट इलेक्टि्रसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने इस संबंध में शुक्रवार को घोषणा की। कहा गया कि 15 जून तक पुराने रेट पर ही बिजली बिल आएंगे। प्रदेश में 77.46 लाख घरेलू उपभोक्ता है। खेतीबाड़ी क्षेत्र के लिए भी बिजली मुफ्त है। गैर आवासीय आपूर्ति उपभोक्ताओं के लिए दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। एग्रीकल्चर पंप सेट के लिए बिजली रेट 6.55 रुपये से बढ़ाकर 6.70 रुपये कर दिए हैं।

पावरकॉम ने रिपोर्ट पेश की
दरअसल पावरकॉम ने बिजली नियामक आयोग को भेजी सालाना रिपोर्ट में लिखा था कि 2024-2025 तक कॉर्पोरेशन का घाटा 5419.82 करोड़ रुपए हो जाएगा। हालांकि 2024-25 में पावरकॉम को खर्चों के मुकाबले आय ज्यादा रहने से 1558.16 करोड़ का मुनाफा रहने का अनुमान है। वित्तीय साल 2022-23 में पावरकॉम को महंगा विदेशी कोयला व बढ़ी मांग पूरा करने के चलते बाहर से महंगी बिजली खरीदने व अन्य कईं कारणों के चलते 6977.98 करोड़ रुपये का घाटा सहन करना पड़ा था। इन सब तथ्यों को सामने रखते हुए आयोग से पावरकॉम ने बिजली की दरों में 11 प्रतिशत वृद्धि की मांग की थी। इस पिटीशन पर गौर करने के बाद अब आयोग ने बिजली की दरों में इजाफा किया है।

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