बिजली और यूपीकोका को लेकर विपक्ष का हंगामा, सदन कल तक के लिए स्थागित

बिजनौर. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए शाहलीपुर उर्फ मदनपुर गांव में मंदिर और मस्जिद पर लगे लाउडस्पीकर उतारने का आदेश दिए जाने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की। साउंड प्रदूषण कंट्रोल एक्ट के तहत लाउड स्पीकर उतारने के आदेश दिया गया था। जिसके बाद गुरुवार को प्रशासन ने भारी पुलिस बल को साथ लेकर गांव के दोनों धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकर उतार दिए हैं।बिजली और यूपीकोका को लेकर विपक्ष का हंगामा, सदन कल तक के लिए स्थागित

-इस दौरान गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। बिजनौर के गांव शाहलीपुर उर्फ मदनपुर में मस्जिद और मन्दिर दोनों पर बिना किसी अनुमति के लाउडस्पीकर लगे थे जो नमाज और आरती के समय बजते थे।
-इसी से परेशान होकर गांव के शौकतअली ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी जिसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पहले प्रशासन से जानकारी मांगी थी कि क्या इन दोनों के पास लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति है या नहीं।

-प्रशासन द्वारा किसी पर भी अनुमति न होने की रिपोर्ट मिलने के बाद उच्च न्यायालय ने ध्वनि प्रदूषण कंट्रोल एक्ट के तहत दोनों धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतारने के आदेश दिए हैं।

आदेश के बाद SP सिटी दिनेश सिंह और SDM नजीबाबाद व CO नजीबाबाद बड़ी संख्या पुलिस बल लेकर गांव में पहुंचे और दोनों पक्षों को अदालत के आदेश की जानकारी देते हुए मंदिर और मस्जिद से लाउडस्पीकर उतरवा दिए।

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क्या कहना है प्रशासन का

-दिनेश सिंह SP सिटी बिजनौर ने कहा- “गांव में किसी प्रकार का तनाव नहीं है। हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए ध्वनि प्रदूषण कंट्रोल एक्ट के तहत लाउडस्पीकर उतरवाने आदेश दिए थे उसी के आदेश पर ये कार्रवाई की गई है।”

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