अपीलीय प्राधिकारी ने दिया इस्तीफा, वजह छात्र संगठनों ने की बदतमीजी हो सकती है

भोपाल .प्रवेश एवं फीस विनियामक कमेटी के अपीलीय प्राधिकारी पीके दाश ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार की तीन कंपनियों स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल), दिल्ली-मुंबई इंड्रस्ट्रियल कॉरिडोर और सड़क विकास निगम के डायरेक्टर पद भी छोड़ दिए हैं। फीस कमेटी का पद छोड़ने की मुख्य वजह राजनीतिक दवाब है। उन्होंने फीस कमेटी के सदस्यों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे और सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी थी।
अपीलीय प्राधिकारी ने दिया इस्तीफा, वजह छात्र संगठनों ने की बदतमीजी हो सकती है
– इसके बाद एबीवीपी और एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने दास के साथ बदतमीजी की थी और पुतले जलाए थे। दास ने उस समय (19 जुलाई) भी इस्तीफा मुख्य सचिव बीपी सिंह को सौंपा था।
– जिसमें उन्होंने लिखा था कि जहां इज्जत नहीं मिल सकती। उस दफ्तर में काम नहीं कर सकता। हालांकि इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ था।
– सूत्रों ने बताया कि सीनियर आईएएस अफसर पीके दाश को रिटायरमेंट के बाद प्रदेश सरकार ने फीस विनियामक कमेटी का अपीलीय अधिकारी बनाया था। 
– यह पद फीस कमेटी के चेयरमैन से ऊपर होता है। दास ने 5 अक्टूबर को अपना इस्तीफा मेल के जरिए तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव संजय बंदोपाध्याय को भेजा था।
– प्रमुख सचिव ने इसे तकनीकी शिक्षा मंत्री दीपक जोशी के पास भेज दिया था। जोशी ने इस पर टीप लिखते हुए इस्तीफा सीएम के पास भेज दिया है।
– दाश का कहना है कि सरकारी महकमे में काम करते हुए 40 साल हो गए है। अब मैं पढ़ाई-लिखाई करूंगा।

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यह है विवाद की वजह

– सूत्रों ने बताया कि राज्य के चार मेडिकल कॉलेजों की फीस कमेटी ने तय की थी। तय फीस को कम मानते हुए संचालकों ने कमेटी के दास की कोर्ट में याचिका लगाई थी।
– दास ने ंसंचालकों और कमेटी सदस्यों का पक्ष सुनने के बाद फीस बढ़ा दी थी। लेकिन कॉलेज संचालकों ने उन्हीं की कोर्ट में याचिका लगाकर तय फीस में संशोधन की मांग की थी। जांच के बाद दास ने 4 निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस दोबारा बढ़ा दी थी।
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