दिल्ली में डॉक्टरों की हड़ताल जारी

कोलकता में ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ हुई बर्बरता के खिलाफ बीते आठ दिनों से दिल्ली समेत देशभर में प्रदर्शन जारी है। डॉक्टरों ने सोमवार को निर्माण भवन के बाहर वैकल्पिक बाह्य रोगी सेवाएं यानी ओपीडी खोलने का निर्ण लिया है।

दिल्ली के सभी मेडिकल कॉलेज से डॉक्टर को निर्माण भवन पहुंचने का निर्देश दिया गया है। डॉक्टर के संगठन ने सभी आरडीए को तुरंत पहुंचने के लिए कहा है। डॉक्टर निर्माण भवन पर जुटना शुरू हो गए हैं। दोपहर दो बजे डीएमए और आईएमएभी शामिल होगा।

अपनी मांगों को लेकर निर्माण भवन के बाहर डॉक्टर प्रदर्शन कर रहे हैं। अस्पतालों में इलाज की उम्मीद लगाए मरीजों को सोमवार को भी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। रेजिडेंट डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल को एक सप्ताह बाद भी जारी रखने का फैसला लिया है। सोमवार को अस्पतालों में फैकल्टी इलाज करेगी, लेकिन इनकी संख्या कम होने के कारण सभी को उचित इलाज मिल पाना संभव नहीं है। मरीजों को इस दौरान भटकना पड़ सकता है।

डॉक्टरों की माने तो जब तक अस्पताल में सुरक्षित माहौल देने के लिए ठोस कानून नहीं बन जाता, हड़ताल इसी तरह से जारी रहेगी। रविवार को एम्स, डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, लेडी हार्डिंग सहित दूसरे अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने कनॉट प्लेस स्थित राजीव चौक मेट्रो स्टेशन तक विरोध मार्च निकाला। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया रेजिडेंट्स एसोसिएशन (फाइमा) के अध्यक्ष डॉ. रोहन कृष्णन ने कहा कि हमारी हड़ताल जारी रहेगी। वहीं अन्य डॉक्टरों ने कहा कि सोमवार को ओपीडी सेवा, इलेक्टिव ऑपरेशन, वार्ड में सेवाएं, प्रयोगशाला में जांच की सुविधा नहीं देंगे। केवल आपातकालीन में ही इलाज व सर्जरी होगी।

ओपीडी में लगेगा लंबा समय
सोमवार को ओपीडी में मरीजों को इलाज के लिए लंबा समय लग सकता है। अस्पताल प्रशासन की माने तो सोमवार को हड़ताल के कारण फैकल्टी इलाज देगी। ऐसे में कुछ ही कमरों में मरीजों का इलाज होगा। एम्स, सफदरजंग, डॉ. राम मनोहर लोहिया, लेडी हार्डिंग, जीटीबी सहित दिल्ली के अस्पतालों में 60 हजार से अधिक मरीज ओपीडी में इलाज करवाने आते हैं। मौजूदा समय में मौसमी बदलाव के कारण वायरल सहित दूसरे रोगों के मरीजों की संख्या भी बढ़ी हुई है।

बुलाया था सर्जरी के लिए, दे रहे तारीख
डॉक्टरों की हड़ताल के कारण पहले से प्रस्तावित सर्जरी रद्द कर मरीजों को नई तारीख लेने को बोला जा रहा है। सफदरजंग में पिता के घुटने की सर्जरी करवाने आए मुकेश ने बताया कि मंगलवार को सर्जरी होनी थी। इसके लिए शनिवार को अस्पताल में आकर रविवार को भर्ती होना था, लेकिन हड़ताल के कारण सर्जरी रद्द कर नई तारीख लेने को बोला गया है। बता दें कि एम्स सहित दूसरे अस्पतालों में 80 से 90 फीसदी सर्जरी हड़ताल के कारण प्रभावित हो गई है।

डॉक्टरों के साथ नोकझोंक का आरोपमदन मोहन मालवीय, डॉ. राम मनोहर लोहिया और डाॅ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल में शनिवार देर रात डॉक्टरों से नोकझोंक की घटना सामने आई। डॉक्टरों ने इन तीनों मामले में मामला दर्ज करने की बात रखी। डॉक्टरों ने बताया कि मदन मोहन मालवीय में इलाज के दौरान परिजनों ने जूनियर डॉक्टर के साथ मारपीट की। वहीं आरएमएल में मरीज छुट्टी होने के बाद भी भर्ती होने की जिद कर रहे थे, इस पर डॉक्टरों के साथ तीखी बहस हो गई। वहीं अंंबेडकर अस्पताल में इलाज को लेकर डॉक्टर और मरीज के बीच तीखी बहस हुई।

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