क्या आप जानते हैं नमक के विभिन्न प्रकार के बारे में, जो शरीर पर डालते हैं ऐसा असर

आयुर्वेदिक पाक-कला में उपयोग होने वाले मसालों के इस्तेमाल से पहले कुछ आधारभूत बातें और बुनियादी चीजों का ध्यान रखना जरूरी है। मसालों के बिना भोजन की कल्पना अधूरी सी लगती है। हालांकि कुछ मसालों के भ्रामक नामों के कारण गड़बड़ी भी होती है। इसलिए इन मसालों का विस्तृत विवरण जानना आवश्यक है।क्या आप जानते हैं नमक के विभिन्न प्रकार के बारे में, जो शरीर पर डालते हैं ऐसा असरनमक-
संसार के अधिकांश लोग जानते हैं कि नमक समुद्र से प्राप्त होता है। आयुर्वेदिक दृष्टि से नमक चार प्रकार का होता है। समुद्र से प्राप्त नमक के अलावा दो अन्य प्रकार का नमक भोजन बनाने में प्रयोग होता है।

पहाड़ी नमक
सैंधव या पहाड़ी नमक सफेद पारदर्शी होता है। इसमें अन्य खनिजों के कारण अन्य रंग भी होते हैं। इसके अलावा काला नमक भी होता है, जिसमें लौह तत्व और गंधक मिला रहता है।

सामान्य रूप से नमक कफ और पित्तवर्धक तथा वातरोधक होता है। पहाड़ी नमक पाचन बढ़ाने वाला तथा भूख कम होने में उपचार के काम आता है, किंतु यह कफ नहीं बढ़ाता।

अच्छा तो यह हो कि कभी समुद्री नमक और कभी पहाड़ी नमक को बदल-बदलकर प्रयोग किया जाए। संसार के कुछ भागों में आयोडीन की कमी होती है, वहां समुद्री नमक खाना चाहिए, क्योंकि उसमें आयोडीन काफी मात्रा में होती है।

Loading...

Check Also

इन 7 टिप्स को अपनाएंगे तो 'दिल' से दूर रहेंगी दिल की बीमारियां

इन 7 टिप्स को अपनाएंगे तो ‘दिल’ से दूर रहेंगी दिल की बीमारियां

भारत में दिल की बीमारियों के कारण होने वाली मौतों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com