ट्रेड फेयर में नहीं होगी रुकने-बैठने की व्यवस्था, दर्शकों को चलते रहना होगा

बहुत सीमित आकार में लगाए जा रहे 38वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (आइआइटीएफ) में इस बार मौज मस्ती अथवा पिकनिक के लिए कोई गुंजाइश नहीं होगी। थक जाने पर बैठने या कुछ देर विश्राम करने को भी जगह नहीं मिलेगी। भीड़ न हो, इसके लिए दर्शकों को बस चलते जाना होगा। दूसरी तरफ इस वर्ष पहली बार भैरो रोड पर ट्रैफिक रोकने की व्यवस्था की जा रही है। वीआइपी मूवमेंट भी पहली बार प्रगति मैदान के गेट नंबर 11 से होगा।ट्रेड फेयर में नहीं होगी रुकने-बैठने की व्यवस्था, दर्शकों को चलते रहना होगाट्रेड फेयर में नहीं होगी रुकने-बैठने की व्यवस्था, दर्शकों को चलते रहना होगा

दरअसल, हर साल 18 हॉलों में लगने वाला यह मेला इस बार प्रगति मैदान में नवीनीकरण कार्य के कारण केवल सात हॉलों यानी हॉल नं. 7, 8, 9, 10, 11, 12 और 12ए अर्थात 40 फीसद जगह में लग रहा है। लिहाजा, मेले के स्वरूप में भी उसी के अनुरूप कटौती कर दी गई है।

विश्राम करने की छूट नहीं
इस बार दर्शकों को कहीं भी रुककर विश्राम करने की छूट नहीं होगी। मेला परिसर में इस बार कहीं कोई बेंच भी नहीं लगाया जा रहा। जगह-जगह खड़े हुए सुरक्षाकर्मी दर्शकों को आगे चलने के लिए बढ़ाते रहेंगे। ऐसा इसीलिए ताकि भीड़ ज्यादा होने से कहीं व्यवस्था न बिगड़ जाए। सभी हॉलों में भी सुगम व्यवस्था बनी रहे और मेला परिसर में भी।

ट्रैफिक रोकने की योजना
इस बार मेले में प्रवेश केवल तीन ही गेटों- गेट नं. एक, आठ और दस से हो पाएगा। ऐसे में भैरो रोड पर पहली बार ट्रैफिक रोकने की योजना बनाई गई है। प्रगति मैदान के गेट नंबर एक पर मेला अवधि में 15 दिनों के लिए अस्थायी तौर पर ट्रैफिक सिग्नल स्थापित किया जाएगा। ऐसे में न सिर्फ दर्शक आसानी से रोड पार कर मेले में प्रवेश कर पाएंगे बल्कि दुर्घटना की आशंका भी नहीं रह जाएगी।

भारतीय व्यापार संव‌र्द्धन परिषद (आइटीपीओ) के  महाप्रबंधक (सुरक्षा) एके वशिष्ठ का कहना है कि सीमित आकार में होने जा रहे व्यापार मेले में इस बार व्यवस्था बनाए रखना एवं भीड़ प्रबंधन ही सबसे बड़ी चुनौती है। इसके लिए दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों व आइटीपीओ के सुरक्षाकर्मियों ने अपना मोर्चा संभाल लिया है। सीसीटीवी भी ज्यादातर जगह लग गए हैं। ट्रैफिक सिग्नल मंगलवार तक लग जाएगा। सभी वीआइपी इस साल गेट नं. 11 से प्रवेश पा सकेंगे।

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