Dhurandhar 2 में मुसलमानों को नेगेटिव रोल में दिखाने से भड़के AIMIM प्रवक्ता

 धुरंधर 2 (Dhurandhar 2) का फीवर हर किसी के दिमाग पर चढ़ा हुआ है। फिल्म देखने के बाद कई क्रिटिक्स ने इसका अपने तरीके से पॉजिटिव या नेगेटिव रिव्यू किया। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि ये एक ‘प्रोपेगैंडा’ फिल्म है।

प्रवक्ता ने उठाई बैन करने की मांग

हाल ही में एआईएमआईएम (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने एएनआई से बात करते हुए फिल्म के निर्माताओं की आलोचना की और कहा कि सरकार को ऐसी फिल्मों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “मैं ऐसी बकवास और प्रोपेगेंडा फिल्म नहीं देखता जो सिर्फ झूठ की बुनियाद पे बनाई हो, सिर्फ झूठ दिखाया गया हो। कुछ चवन्नी छाप लोग ऐसे हैं, जो 2 रुपये कमाने के लिए, सिर्फ और सिर्फ नफरत बताते हैं झूठ फैलाते हैं और उसके सिवा कुछ नहीं आता उनको दिखाना।”

वारिस ने नहीं देखी है फिल्म

वारिस पठान ने कहा कि उन्होंने फिल्म नहीं देखी है, लेकिन मीडिया के माध्यम से उन्हें पता चला कि यह नोटबंदी के बारे में है। उन्होंने बताया कि उस दौर में पूरा देश कतार में खड़ा था और नरेंद्र मोदी ने कहा था कि नोटबंदी के बाद आतंकवाद खत्म हो जाएगा। लेकिन यह अभी भी मौजूद है।

उन्होंने आगे कहा, “और बस कुछ नहीं, मुसलमानों को नेगेटिव रोल में दिखाओ। पिक्चर बनाओ तो मनोरंजन के लिए पिक्चर बनाओ, असली इतिहास दिखाओ, इंसान को खुश करने के लिए पिक्चर बनाओ। आप नफरत फैलाने के लिए बना रहे हो। कितना नफरत फैलाना चाहते हो इस तरह की गलीच और बकवास पिक्चर बना बनाके। ऐसी फिल्मों के ऊपर सरकार को रोक लगानी चाहिए।”

वारिस ने निर्माताओं को दी चुनौती

वारिस पठान ने आगे चुनौती देते हुए कहा कि अगर फिल्म निर्माताओं में साहस है, तो उन्हें गोधरा फाइल्स, एपस्टीन फाइल्स जैसे मुद्दों पर फिल्में बनानी चाहिए और यह खुलासा करना चाहिए कि इसमें हरदीप पुरी और अनिल अंबानी की क्या भूमिका थी। बता दें कि धुरंधर 2, 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म ने अभी तक 218 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है। वहीं ईद की छुट्टी और वीकेंड होने की वजह से ये कलेक्शन अभी और बढ़ेगा।

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