सचिन की राह पर चल रहे हैं धोनी, आलोचकों को ऐसे दिया जवाब

श्रीलंका के खिलाफ जारी वनडे सीरीज में महेंद्र सिंह धोनी शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। इस सीरीज में श्रीलंका का कोई भी गेंदबाज उन्हें आउट नहीं कर पाया है। पिछले तीन मैचों में धौनी ने 45, 67 और 49 रन बानए हैं जबकि पहले मैच में उन्हें बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला था।
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शानदार फॉर्म में चल रहे धोनी ऑफ दा फील्ड भी थोड़े बदले-बदले नजर आ रहे है। कई मामलों में तो धोनी सचिन तेंदुलकर जैसी दिखाई पड़ रहे हैं। आइए हम आपको धोनी के वो पांच तरीके बताते हैं जो सचिन से प्रेरित लगते हैं…
1. मुंह के बजाए बल्ले से जवाब देना
धोनी पर आलोचना का दौर काफी समय से चल रहा था। चैम्पियंस ट्रॉफी में खराब प्रदर्शन के बाद उनके टीम में होने पर सवाल उठाए थे। धोनी ने इन सभी बातों का जबाव बल्ले से देना जरूरी समझा। वर्तमान में जारी वनडे सीरीज में उनका प्रदर्शन काफी कुछ कहता है और इसी का नतीजा है कि टीम के कई पूर्व खिलाड़ियों ने उनकी तारीफ की है। वीरेंद्र सहवाग समेत इंडिया के कई खिलाड़ियों ने धोनी को टीम का अभिन्न हिस्सा माना है।
भारत के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने महेंद्र सिंह धोनी के भविष्य को लेकर चल रहे संशय को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा है कि इस स्टार ने अभी अपना आधा भी प्रदर्शन नहीं किया है। वह इंग्लैंड में होने वाले 2019 विश्व कप के लिये टीम की योजनाओं में पूरी तरह से शामिल हैं।
क्रिकेट में किसी भी खिलाड़ी को परफार्मेंस गिरने पर आलोचना का सामना करना पड़ता है। चाहे वह कितना भी बड़ा खिलाड़ी क्यों ना हो। टीम में बने रहने के लिए उसे लगातार अच्छी परफॉरमेंस देनी ही पड़ती है।
महेंद्र सिंह धोनी की फिलहाल जो स्थिति है वो आलोचकों के जबाव देने के लिए सचिन तेंदुलकर का रास्ता अपना रहे हैं। सचिन तेंदुलकर की जब भी आलोचना होती थी वे कभी भी किसी भी टाइप का रिएक्शन देने से कतराते थे। सचिन हमेशा शांत रहते थे।
महेंद्र सिंह धोनी क्रिकेट के बेस्ट फिनिशरों में से एक माने जाते हैं। पर लगता है अब उन्होंने यह जिम्मेदारी किसी दूसरे खिलाड़ी को देने का मन बना लिया है। तभी तीसरे और चौथे वनडे में वो एक सर्पोटर के रूप में उभरकर सामने आए हैं।
तीसरे वनडे मैच में उन्होंने भुवनेश्वर कुमार के साथ मिलकर भारत को तीन विकेट से जीत दिलाई थी। धोनी जहां भुवनेश्वर से पहले बल्लेबाजी करने आए थे इसके बावजूद उनके रन भुवनेश्वर से कम रहे। भुवी ने इस मैच में 53 रन बनाए थे वहीं धोनी ने उम्मीद के विपरीत 45 रन बनाए।
वहीं चौथे मैच में उन्होंने सीरीज में पहली बार खेले मनीष पांडे को आखिरी ओवर में फिफ्टी बनाने को मौका दिया। ये तमाम तरीके उन्हें महान खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल करते हैं।
क्रिकेट खेल को सभ्य खेल माना जाता है। पर अब यह सभ्य खेल नहीं रह गया है। क्रिकेट में खिलाड़ियों के लड़ने-झगडने के किस्से अक्सर देखने को मिलते रहते हैं। धोनी ने इस सबसे खुद का दूर रखा है। सभी जानते हैं कि महेंद्र सिंह धोनी एक शांत किस्म के खिलाड़ी हैं। उन्हें रियर केस में ही मैदान पर अग्रेसिव देखा गया है। अपनी इस खूबी से महेंद्र सिंह धोनी कई युवा खिलाड़ियों को मोटिवेट कर रहे हैं।
महेंद्र सिंह धोनी के भविष्य को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। 2019 में विश्व कप खेला जाना है और भारतीय टीम इसके लिए अपनी टीम तैयार करने में जुट गई है। धोनी को इस टीम में रखने को लेकर क्रिकेट खिलाड़ियों और क्रिकेट पंडितों की राय जुदा-जुदा है। कुछ धोनी को 2019 की विश्व कप टीम में फिट होते देखते हैं, तो कुछ को लगता है कि उन्हें इस टीम का हिस्सा नहीं होना चाहिए। श्रीलंका के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज़ से पहले भी ये सवाल उठे थे, लेकिन धोनी ने इस सीरीज़ में इसका जबाव भी दे दिया है।





