दिल्ली बेबी केयर फायर: अस्पताल का दौरा करने पहुंची शाहदरा की डीएम

विवेक विहार स्थित बेबी केयर न्यू बॉर्न अस्पताल में घटना के बाद शाहदरा की जिलाधिकारी ऋषिता गुप्ता दौरा करने पहुंची। 25 मई को अस्पताल में लगी आग की वजह से छह नवजात बच्चों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे।

शाहदरा डीएम ऋषिता गुप्ता मंगलवार को विवेक विहार में नवजात शिशु देखभाल केंद्र का जायजा लेने पहुंची। उन्होंने बताया कि हम उस पहलू पर भी गौर करेंगे कि उनके लाइसेंस में क्या समस्या थी।

शाहदरा जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद जो रिपोर्ट तैयार की है उसके अनुसार विवेक विहार स्थित बेबी केयर न्यू बॉर्न अस्पताल में लगी आग को बुझाने के बाद अस्पताल का निरीक्षण किया गया तो वहां फटे हुए ऑक्सीजन सिलिंडर मिले।

इसके अलावा पुलिसकर्मियों, फायर ब्रिगेड स्टाफ और क्राइम टीम ने अस्पताल का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद नर्सिंग स्टाफ से भी पूछताछ की गई। इसके बाद पता लगा कि अस्पताल में हर जगह पर लापरवाही बरती जा रही थी। जांच में पाया गया कि अस्पताल में एक भी अग्निशामक यंत्र नहीं था। आपातकालीन निकास भी नहीं था। इसके अलावा बीएएमएस डॉक्टर की ड्यूटी डाक्टर के रूप में थी।

अस्पताल में ये बड़ी लापरवाही बरती जा रही थीं

  • डीजीएचएस, सरकार द्वारा बेबी केयर न्यू बॉर्न अस्पताल को लाइसेंस जारी किया गया था। दिल्ली के एनसीटी की समय सीमा 31 मार्च, 2024 को पहले ही समाप्त हो चुकी थी।
  • यहां तक कि समाप्त हो चुके लाइसेंस (उक्त अस्पताल को जारी) के अनुसार केवल 5 बिस्तरों की अनुमति थी, लेकिन घटना के समय अस्पताल में 12 नवजात बच्चे भर्ती थे।
  • ड्यूटी डॉक्टर नवजात शिशु का इलाज करने के लिए योग्य/सक्षम नहीं था, क्योंकि वह केवल बीएएमएस डिग्री धारक हैं।
    -आग लगने की स्थिति में आपातकालीन स्थिति के लिए उक्त अस्पताल में कोई अग्निशामक यंत्र नहीं लगा हुआ था।
  • सबसे बड़ी बात किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में अस्पताल में कोई आपातकालीन निकास नहीं है।

अस्पताल की चार शाखाएं
विवेक विहार थाना पुलिस को पता लगा है कि बेबी केयर न्यू बॉर्न अस्पताल की 4 शाखाएं हैं। विवेक विहार के अलावा दिल्ली के पंजाबी बाग, फरीदाबाद और गुरुग्राम में हैं। अस्पताल के मालिक डॉ. नवीन पश्चिम विहार में रहते हैं। वह बाल चिकित्सा में एमडी हैं। उनकी पत्नी डॉ. जागृति दंत चिकित्सक हैं।

ऑक्सीजन के 32 सिलिंडर रखे हुए थे
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पांच बेड वाले इस अस्पताल में ऑक्सीजन के 32 सिलिंडर रखे हुए थे। आग लगने के बाद ये सिलिंडर फटते चले गए। इससे आग विकराल हो गई। कम पैसों पर बीएएमएस डॉक्टर रखा था पुलिस को शुरुआती जांच में पता लगा कि डाॅ. आकाश आयुर्वेदिक डाॅक्टर है। पता लगा कि डाॅ. आकाश को कम तनख्वाह दी जा रही थी, इस कारण उन्हें रखा हुआ था।

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